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कोरोना पर चमत्कार! पहली वैक्सीन का इंसानों पर सफल ट्रायल, सामने आया शानदार रिजल्ट

First Published May 19, 2020, 12:20 PM IST
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वाशिंगटन. दुनिया भर में कहर बरपा रहे कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए तमाम देशों के वैज्ञानिक दिन रात मेहनत कर रहे हैं। वैज्ञानिक वैक्सीन बनाने के लिए लगातार रिसर्च कर रहे हैं और कई देशों में जानवर और इंसानों पर ट्रायल भी किया जा रहा है। इन सब के बीच अमेरिका में जारी ट्रायल को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। यहां के पहले कोरोना वैक्सीन के इंसानों पर चल रहे ट्रायल के बहुत ही सकारात्मक नतीजे मिले हैं। 

इसे बनाने वाली बोस्टन स्थित बायोटेक कंपनी मॉर्डना ने सोमवार शाम इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि जिन लोगों पर mRNA वैक्सीन का ट्रायल किया गया, उनके शरीर में उम्मीद से अच्छी इम्यूनिटी बढ़ी है और साइड इफेक्ट्स भी मामूली हैं। 
 

इसे बनाने वाली बोस्टन स्थित बायोटेक कंपनी मॉर्डना ने सोमवार शाम इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि जिन लोगों पर mRNA वैक्सीन का ट्रायल किया गया, उनके शरीर में उम्मीद से अच्छी इम्यूनिटी बढ़ी है और साइड इफेक्ट्स भी मामूली हैं। 
 

इससे बेहतर उम्मीद नहीं कर सकतेः CEO 
सोमवार को मॉर्डना ने प्रारंभिक चरण के ट्रायल के अंतरिम परिणामों के बारे में बताया। इसके अनुसार mRNA-1273 नाम का यह वैक्सीन जिस कैंडिडेट को दिया गया था, उसके शरीर में केवल मामूली दुष्प्रभाव देखे गए और वैक्सीन का प्रभाव सुरक्षित और सहनीय पाया गया।

इससे बेहतर उम्मीद नहीं कर सकतेः CEO 
सोमवार को मॉर्डना ने प्रारंभिक चरण के ट्रायल के अंतरिम परिणामों के बारे में बताया। इसके अनुसार mRNA-1273 नाम का यह वैक्सीन जिस कैंडिडेट को दिया गया था, उसके शरीर में केवल मामूली दुष्प्रभाव देखे गए और वैक्सीन का प्रभाव सुरक्षित और सहनीय पाया गया।

मॉर्डना ने बताया कि वैक्सीन पाने वाले कैंडिडेट्स का इम्यून सिस्टम वायरस से लड़ने में कोविड-19 से रिकवर हो चुके मरीजों के बराबर या उनसे ज्यादा ताकतवर पाया गया। मॉर्डना के सीईओ स्टीफन बैंसेल ने कहा कि वे इससे बेहतर डेटा की उम्मीद नहीं कर सकते थे। 

मॉर्डना ने बताया कि वैक्सीन पाने वाले कैंडिडेट्स का इम्यून सिस्टम वायरस से लड़ने में कोविड-19 से रिकवर हो चुके मरीजों के बराबर या उनसे ज्यादा ताकतवर पाया गया। मॉर्डना के सीईओ स्टीफन बैंसेल ने कहा कि वे इससे बेहतर डेटा की उम्मीद नहीं कर सकते थे। 

42 दिनों में इंसानों पर ट्रायल वाली पहली कम्पनी 
मॉर्डना पहली अमेरिकी कंपनी है, जिसने वैक्सीन की रेस में सबको पीछे छोड़ दिया है। कंपनी ने वैक्सीन के लिए जरूरी जेनेटिक कोड पाने से लेकर उसका इंसानों में ट्रायल तक का सफर मात्र 42 दिनों में पूरा कर लिया। यह भी पहली बार हुआ कि जानवरों से पहले इंसानों में ट्रायल शुरू कर दिया गया था।

42 दिनों में इंसानों पर ट्रायल वाली पहली कम्पनी 
मॉर्डना पहली अमेरिकी कंपनी है, जिसने वैक्सीन की रेस में सबको पीछे छोड़ दिया है। कंपनी ने वैक्सीन के लिए जरूरी जेनेटिक कोड पाने से लेकर उसका इंसानों में ट्रायल तक का सफर मात्र 42 दिनों में पूरा कर लिया। यह भी पहली बार हुआ कि जानवरों से पहले इंसानों में ट्रायल शुरू कर दिया गया था।

मार्च में शुरू हुआ था ट्रायल 
16 मार्च को सिएटल की काइजर परमानेंट रिसर्च फैसिलिटी में सबसे पहले यह वैक्सीन दो बच्चों की मां 43 वर्षीय जेनिफर नाम की महिला को लगाया गया। पहले ट्रायल में 18 से 55 वर्ष की उम्र के 45 स्वस्थ प्रतिभागी शामिल किए गए थे। इनमें से शुरू में 8 को ये वैक्सीन लगाया गया था।

मार्च में शुरू हुआ था ट्रायल 
16 मार्च को सिएटल की काइजर परमानेंट रिसर्च फैसिलिटी में सबसे पहले यह वैक्सीन दो बच्चों की मां 43 वर्षीय जेनिफर नाम की महिला को लगाया गया। पहले ट्रायल में 18 से 55 वर्ष की उम्र के 45 स्वस्थ प्रतिभागी शामिल किए गए थे। इनमें से शुरू में 8 को ये वैक्सीन लगाया गया था।

कम डोज देकर ट्रायल करने की तैयारी 
मॉडर्ना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी टाल जकस ने कहा कि नतीजों से पता चला है कि वैक्सीन की बहुत थोड़ी मात्रा देने पर भी कुदरती संक्रमण से मुकाबले के लिए इम्यून सिस्टम ने अच्छी प्रतिक्रिया दी है। इन नतीजों और चूहों पर की गई स्टडी के बाद मिले डेटा के आधार पर कम्पनी अब आगे के ट्रायल कम डोज देकर करने की योजना बना रही है। 

कम डोज देकर ट्रायल करने की तैयारी 
मॉडर्ना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी टाल जकस ने कहा कि नतीजों से पता चला है कि वैक्सीन की बहुत थोड़ी मात्रा देने पर भी कुदरती संक्रमण से मुकाबले के लिए इम्यून सिस्टम ने अच्छी प्रतिक्रिया दी है। इन नतीजों और चूहों पर की गई स्टडी के बाद मिले डेटा के आधार पर कम्पनी अब आगे के ट्रायल कम डोज देकर करने की योजना बना रही है। 

उन्होंने बताया कि ट्रायल के शुरुआती चरण में ऐसे साइड-इफेक्ट्स थे जो कई वैक्सीन के लिए आम होते हैं, जैसे - कुछ लोग इंजेक्शन की जगह पर लालिमा और ठंडेपन का अनुभव करते हैं। इन आंकड़ों ने हमारे विश्वास को पुष्ट किया कि mRNA-1273 में कोविड -19 को रोकने की क्षमता है।
 

उन्होंने बताया कि ट्रायल के शुरुआती चरण में ऐसे साइड-इफेक्ट्स थे जो कई वैक्सीन के लिए आम होते हैं, जैसे - कुछ लोग इंजेक्शन की जगह पर लालिमा और ठंडेपन का अनुभव करते हैं। इन आंकड़ों ने हमारे विश्वास को पुष्ट किया कि mRNA-1273 में कोविड -19 को रोकने की क्षमता है।
 

मॉर्डना का शेयर तीन गुना तक बढ़ा
इस खबर ने वॉल स्ट्रीट में जोश भरने का काम किया और एस एंड पी 500 यूएस बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स दोपहर के कारोबार में 3 प्रतिशत ऊपर चढ़ गया। मॉर्डना कम्पनी के शेयर की कीमत फरवरी के बाद से तीन गुना से अधिक हो गई है और शुक्रवार को बंद हुए स्तर के मुकाबले 240 फीसदी बढ़ी है। प्रीमार्केट ट्रेडिंग में, मॉडर्ना का शेयर शुक्रवार के 66.69 डॉलर के बंद भाव के मुकाबले 86.14 डॉलर पर खुला। 

मॉर्डना का शेयर तीन गुना तक बढ़ा
इस खबर ने वॉल स्ट्रीट में जोश भरने का काम किया और एस एंड पी 500 यूएस बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स दोपहर के कारोबार में 3 प्रतिशत ऊपर चढ़ गया। मॉर्डना कम्पनी के शेयर की कीमत फरवरी के बाद से तीन गुना से अधिक हो गई है और शुक्रवार को बंद हुए स्तर के मुकाबले 240 फीसदी बढ़ी है। प्रीमार्केट ट्रेडिंग में, मॉडर्ना का शेयर शुक्रवार के 66.69 डॉलर के बंद भाव के मुकाबले 86.14 डॉलर पर खुला। 

शुरू होगा ट्रायल का तीसरा फेज
मॉडर्ना ने कहा है कि वह दूसरे फेज में 600 लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल करने जा रही है। जबकि जुलाई से वैक्सीन की टेस्टिंग का तीसरा फेज 
शुरू होगा जिसमें हजारों लोगों को शामिल किया जा सकता है। 

शुरू होगा ट्रायल का तीसरा फेज
मॉडर्ना ने कहा है कि वह दूसरे फेज में 600 लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल करने जा रही है। जबकि जुलाई से वैक्सीन की टेस्टिंग का तीसरा फेज 
शुरू होगा जिसमें हजारों लोगों को शामिल किया जा सकता है। 

दुनिया में कोरोना का हाल
दुनिया भर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 48 लाख 93 हजार 260 हो गई है। जबकि अब तक 3 लाख 20 हजार 173 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि इस दौरान 19 लाख 7 हजार 992 मरीज ठीक भी हुए हैं। कोरोना के संक्रमण से अमेरिका, रूस और ब्रिटेना का बुरा हाल है। अमेरिका में मरने वालों की संख्या 91 हजार 981 हो गई है। जबकि अबतक 15 लाख 50 हजार 294 लोग कोरोना के शिकार हो चुका है। यहां ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 3 लाख 56 हजार 383 है। यह आंकड़ा दुनिया में सबसे ज्यादा है।अमेरिका में कोरोना 

दुनिया में कोरोना का हाल
दुनिया भर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 48 लाख 93 हजार 260 हो गई है। जबकि अब तक 3 लाख 20 हजार 173 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि इस दौरान 19 लाख 7 हजार 992 मरीज ठीक भी हुए हैं। कोरोना के संक्रमण से अमेरिका, रूस और ब्रिटेना का बुरा हाल है। अमेरिका में मरने वालों की संख्या 91 हजार 981 हो गई है। जबकि अबतक 15 लाख 50 हजार 294 लोग कोरोना के शिकार हो चुका है। यहां ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 3 लाख 56 हजार 383 है। यह आंकड़ा दुनिया में सबसे ज्यादा है।अमेरिका में कोरोना 

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