Asianet News Hindi

दावा : किसान आंदोलन के सपोर्ट में ट्वीट के लिए खालिस्तानी फर्म ने रिहाना को दिए 18 करोड़, कंगना ने ली चुटकी

किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) में विदेशी साजिशों का पर्दाफाश हो रहा है। स्वीडिश एक्टिवस्ट ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) की टूलकिट सामने आने के बाद ये साफ हो चुका है कि किसान आंदोलन का समर्थन करने वालों को विदेशी फंडिंग हो रही थी। इस मामले में अब एक और खुलासा हुआ है, जिसमें यह पता चला है कि अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना (Rihanna) को किसान आंदोलन के समर्थन में पोस्ट करने के बदले 2.5 मिलियन डॉलर यानी 18 करोड़ रुपए मिले थे।

Rihanna Was Paid 18 Crore By Khalistani firm To Tweet In Support Of Farmers KPG
Author
Mumbai, First Published Feb 5, 2021, 7:11 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

मुंबई। किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) में विदेशी साजिशों का पर्दाफाश हो रहा है। स्वीडिश एक्टिवस्ट ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) की टूलकिट सामने आने के बाद ये साफ हो चुका है कि किसान आंदोलन का समर्थन करने वालों को विदेशी फंडिंग हो रही थी। इस मामले में अब एक और खुलासा हुआ है, जिसमें यह पता चला है कि अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना (Rihanna) को किसान आंदोलन के समर्थन में पोस्ट करने के बदले 2.5 मिलियन डॉलर यानी 18 करोड़ रुपए मिले थे। इस डील के पीछे कनाडा के खालिस्तानी संगठन पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन का हाथ है।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीआर फर्म स्काईरॉकेट ने इस काम को अंजाम दिया, जिसका फाउंडर एक खालिस्तानी एमओ धालीवाल है। उसी ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन के सपोर्ट में ट्वीट करने के लिए रिहाना को पैसे दिए थे। किसान आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन देने के लिए इस अभियान में कनाडा के कई नेता और संगठन भी शामिल हैं। 

 

रिहाना को ट्वीट के बदले 18 करोड़ रुपए मिलने की खबर जैसे ही सामने आई तो कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर अपनी बात कही। कंगना ने कहा- इतना कम, इतने की तो मैं अपने फ्रैंड्स को गिफ्ट दे देती हूं। कितने सस्ते हैं ये सब यार, हा हा हा हा। फोर्ब्स इनकम की सबसे बड़ी धोखाधड़ी। उनके पास सेलेब्रिटीज के फाइनेंशियल डेटा तक पहुंच नहीं है फिर भी सितारों की नकली इनकम का दावा करते हैं। अगर मैं झूठ बोल रही हूं तो फोर्ब्स मेरे खिलाफ मुकदमा करे।

<p>Take for instance the Tweet by American pop star Rihanna.&nbsp;<br />
&nbsp;</p>

<p>The tweet with the tag line "Why are we not talking about this?" comes with a CNN article on the Republic Day clashes embedded in the post.&nbsp;All that a "celebrity / Influential person" needs to do is to put their name behind the post.<br />
&nbsp;</p>

<p>Among those who seem to have used the template is the Congress party whose Kerala women's unit handle sounds word to word similar to the tweets from the Google Drive.<br />
&nbsp;</p>

<p>Then again, while the manual talks at length about forcing the Indian administration to repeal the controversial farm laws, it is suspiciously silent on the road ahead if and when the laws were to be junked.<br />
&nbsp;</p>

<p>Instead, it shifts focus upon defaming India and its government on issues like the persecution of government critics, harassment of independent journalists and oppression of citizens in favour of corporates.</p>

बता दें कि रिहाना ने किसान आंदोलन पर अमेरिकी न्यूज चैनल CNN की खबर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा था- ‘हम इस पर (किसान आंदोलन) पर बात क्यों नहीं कर रहे हैं? उनकी इस पोस्ट को 2.20 लाख से भी ज्यादा लोगों ने री-ट्वीट किया। बता दें कि ट्विटर पर रिहाना के 11 करोड़ फॉलोअर्स हैं।

Greta Thunberg

इससे पहले स्वीडन की पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने सोशल मीडिया पर टूलकिट नाम से एक डॉक्यूमेंट शेयर किया था। हालांकि इसे कुछ देर बाद डिलीट कर दिया गया था। लेकिन जब तक यह डिलीट होता, सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था। इस टूलकिट में पूरी प्लानिंग पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के साथ थी। साथ ही इसमें पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन का लोगो भी लगा था। इस टूलकिट के मुताबिक ये कैम्पेन नवंबर, 2020 से चल रहा है। 23 और 26 जनवरी के दिन इनकी बड़े लेवल इस प्रोपेगेंडा फैलाने की पहले से प्लानिंग थी।
 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios