यह दर्दनाक हादसा धनबाद में हुआ। खेलते-खेलते नाले में औंधे मुंह जा गिरा था बच्चा। परिजनों ने समझा किसी ने उठा लिया है। इसलिए सोशल मीडिया पर उसकी फोटो डालकर मदद की गुहार लगाई गई।

धनबाद, झारखंड. अपने ढाई साल के बेटे को उसकी मां हमेशा काला टीका लगाती थी, ताकि उसे किसी की नजर न लगे। लेकिन अनहोनी तो होने को थी। बच्चा खेलते-खेलते स्लैब के गैप से नाले में जा गिरा। उस वक्त वहां कोई नहीं था। लिहाजा, वो तड़पने लगा। करीब तीन घंटे बाद जब उसे निकाला गया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। यह दर्दनाक हादसा मानबाद में मंगलवार को हुआ। घटना के बाद मां पागलों की तरह रोने लगी। जब लोग बच्चे को हॉस्पिटल ले गए, तब मां उसकी जिंदगी लौटने की उम्मीद में मंदिर पहुंच गई। वहां रो-रोकर भगवान से प्रार्थना करने लगी।

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दादी सास से मिलने आई थी महिला...
मृतक बीसीसीएल क्वार्टर में रहने वाले रवि मिश्रा का ढाई साल का बेटा दिव्यांश था। बताते हैं कि दिव्यांश और अपने बड़े बेटे विधान को लेकर उसकी मां आरती मंगलवार दोपहर करीब 1.45 बजे मानबाद में रहने वाली अपनी दादी सास बनारसी देवी से मिलने आई थी। बनारसी देवी यहां किराये पर रहती हैं। यहां दिव्यांश खेलने लगा। दोपहर करीब 3 बजे दिव्यांश अचानक गायब हो गया। उसे ढूंढ़ने पूरा घर जुट गया। लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने बच्चे की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की, ताकि उसका पता चल सके। लेकिन जब कोई सूचना नहीं मिली, तब पुलिस को सूचित किया गया। इस बीच शाम 6 बजे पड़ोस के एक युवक की नजर नाले में पड़ी। देखा, दिव्यांश उसमें औंधे मुंह गिरा पड़ा था। यह देखकर चीख-पुकार मच गई उसे फौरन निकालकर नजदीक के हॉस्पिटल ले जाया गया।

बच्चा हॉस्पिटल में था और मां मंदिर में...
जब बच्चे को लेकर लोग हॉस्पिटल पहुंचे, तो आरती मां मनसा देवी मंदिर गई। वहां वो रोते हुए अपने बच्चे की सलामती के लिए प्रार्थना करने लगी। लेकिन जब उसे बताया गया कि उसका लाल अब जीवित नहीं है, तो वो दहाड़े मारकर रोते हुए बेहोश हो गई। बताते हैं कि जिस नाले में बच्चा गिरा था, उसमें जलापूर्ति के वक्त पानी का तेज बहाव होता है। जिस वक्त दिव्यांश गिरा, उस वक्त दुर्भाग्य से उसमें पानी का तेज बहाव था।