यह दर्दनाक वारदात गुमला जिले में शनिवार देर रात सामने आई है। जहां एक महिला ने लाठी-डंडे से पीट-पीटकर घसीटते हुए अपनी 65 वर्षीय सास की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान आशा देवी के रूप में जबकि मृतका की पहचान मघनी देवी के रूप में की गई है। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है।

गुमला (झारखंड). अक्सर देखा जाता है कि घर में सास-बहू के झगड़े होते रहते हैं और समय के हिसाब से वह सुलझ भी जाते हैं। लेकिन झारखंड में एक मानवता को शर्मसार कर देन वाला मामला सामने आया है। जहां एक बहू ने अपनी सास को मौत के घाट उतार डाला।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

बहू ने बेरहमी से सास को मार डाला
दरअसल, यह दर्दनाक वारदात गुमला जिले में शनिवार देर रात सामने आई है। जहां एक महिला ने लाठी-डंडे से पीट-पीटकर घसीटते हुए अपनी 65 वर्षीय सास की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान आशा देवी के रूप में जबकि मृतका की पहचान मघनी देवी के रूप में की गई है। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया पूरा मामला
मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी मोहन कुमार ने बताया- सास और बहू के बीच अक्सर घरेलु बातों को लेकर विवाद होता रहता था। शनिवार रात को दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि मारपीट तक होने लगी, देखते ही देखते बहू ने सास की लाठी-डेंडे मार हत्या कर दी।

मृतक महिला के हैं दो बेटे
घटना की जानकारी देते हुए स्थानीय ग्रामीणों बताया गया कि मृतक महिला के दो बेटे हैं। इसमें एक सरकारी स्कूल में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी है तो दूसरा बेटे की पत्नी सेरका पंचायत की पंचायत समिति सदस्य है।

इस बात को लेकर होता रहता था विवाद
बता दें कि मृतक महिला के पति की पहले ही मौत हो चुकी है। पति की मौत के बाद महिला को 12000 रुपए पेंशन मिलती है। इसी पैसों को लेकर बेटों के बीच विवाद होता रहता था। बताया जाता है कि महिला अपने छोटे बेटे खेमराज तुरी के पास रहती थी। खेमराज की पत्नी और आरोपी आशा देवी हमेशा अपनी सास को अक्कस प्रताड़ित करती थी।