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दीपावली पर हर घर होगा खुशियों से रोशन, लेकिन इनके घरों में टिमटिमाएंगे मायूसी के दीये

दीपावली त्यौहार से पहले दो घरों के चिराग बुझ गए। शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे रांची से सटे जंगलों में नक्सली हमले में झारखंड जगुआर के दो जवान शहीद हो गए। माओवादियों ने जवानों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं।

Two STF soldiers martyred in Naxal attack in Jharkhand
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Ranchi, First Published Oct 4, 2019, 5:43 PM IST
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रांची. राजधानी से करीब 60 किमी दूर बुंडू के दशम फॉल के जंगल में हुए एक नक्सली हमले में दो जवान शहीद हो गए। यह हमला शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे हुआ। हमले में एक जवान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे ने रांची के मेडिको हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। रांची के सीनियर SP अनीश गुप्ता के अनुसार, खबर मिली थी कि दशम फॉल के करीब डोकापीढ़ी गांव में बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। वे किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहे हैं। इस खबर के बाद झारखंड जगुआर(STF) के जवानों को सर्चिंग के लिए वहां भेजा गया था। इससे पहले कि पुलिस कोई कार्रवाई कर पाती, नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दोनों जवानों की शहादत के बाद नक्सलियों को ललकारा है। उन्होंने कहा कि नक्सली अपनी अंतिम लड़ाई लड़ रहे हैं। वे सरेंडर कर दें। इस बीच दशम फॉल थाने की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

एक जवान को लगी थी तीन गोलियां..
SSP गुप्ता मुताबिक शहीद जवानों के नाम खंजन प्रसाद महतो और अखिलेश राम  हैं। अखिलेश राम को तीन गोलियां लगी थीं। वे पलामू जिले के लेस्लीगंज के रहने वाले थे। वहीं खंजन कुमार रांची जिले के चैनपुर गांव से थे। इनके पिता भी पुलिस में हैं। वे 5 जून 2017 को जगुआर में भर्ती हुआ था। यह हमला मुख्यमंत्री की नक्सलियों को चेतावनी देने के ठीक एक दिन बाद हुआ। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सिमडेगा जिले में नक्सलियों को सरेंडर करने की सलाह दी थी। उल्लेखनीय है कि झारखंड जगुआर पुलिस का एक सशस्त्र बल है। इसे स्पेशल टॉस्क फोर्स यानी STF भी कहते हैं। इसका गठन नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाना है। इसमें भर्ती जवानों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है।

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