Protein Drinks and Supplements is Safe? प्रोटीन ड्रिंक पीने के बाद एक 16 वर्षीय लड़के की मौत का मालमा सामने आया है। इस घटना के बाद प्रोटीन ड्रिंक्स के स्वास्थ्य पर असर को लेकर बड़ी बहस छिड़ी हुई है। जानें प्रोटीन ड्रिंक पीना चाहिए या नहीं?

हेल्थ डेस्क: प्रोटीन का इनटेक हमेशा से बहस का विषय रहा है। कई बार इसके सेवन के साइड इफेक्ट्स को लेकर बड़ी घटनाएं भी सामने आई हैं। हाल ही की एक घटना में तब सबको चौंका दिया जब एक 16 साल की डेथ हो गई। मांसपेशियां बढ़ाने के लिए प्रोटीन ड्रिंक पीने के बाद एक 16 वर्षीय लड़के की मौत का मालमा सामने आया है। लंदन के रोहन गोधनिया, प्रोटीन शेक पीने के बाद बीमार पड़ गए। वह अपरिवर्तनीय मस्तिष्क क्षति से पीड़ित हुए और सिर्फ 3 दिन के अंदर उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद ब्रिटेन के एक अधिकारी ने कहा है कि प्रोटीन ड्रिंक्स में स्वास्थ्य चेतावनियां जोड़ी जानी चाहिए।

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प्रोटीन ड्रिंक पीना चाहिए या नहीं?

प्रोटीन एक आवश्यक मैक्रोन्यूट्रिएंट है। जो लोग मांसपेशियों को बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं वे अक्सर नियमित आधार पर प्रोटीन पीते हैं। हालांकि, आपके शरीर को विभिन्न कार्यों के लिए कुछ मात्रा में प्रोटीन की आवश्यकता होती है। कई लोग दैनिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्रोटीन पेय, शेक और पाउडर पर निर्भर हैं। जबकि वो जानते हैं कि प्रोटीन के कई प्राकृतिक स्रोतों में आसानी से उपलब्ध हैं। अब यह समझने के लिए कि आपको प्रोटीन ड्रिंक पीना चाहिए या नहीं? सीके बिड़ला अस्पताल, गुरुग्राम के चिकित्सा विभाग के डॉ. तुषार तायल ने इस बारे में कई बातें कही हैं।

क्या प्रोटीन ड्रिंक, पाउडर और शेक हानिकारक हैं? 

डॉ. तायल ने बताया- ‘प्रोटीन पाउडर पूरी तरह से प्रोटीन के प्राकृतिक रूप नहीं हैं। वे सोयाबीन, मटर, चावल, अंडे या दूध जैसे प्रोटीन स्रोतों के पाउडर के रूप हैं लेकिन इसमें अतिरिक्त शर्करा, कृत्रिम स्वाद, फेट, विटामिन और खनिज जैसे कृत्रिम तत्व शामिल होते हैं। प्रोटीन की मात्रा भी प्रति स्कूप 10 ग्राम से 25 ग्राम तक होती है।’

डॉ. तायल ने बताया कि एक वयस्क को एक दिन में शरीर के वजन के अनुसार लगभग 0.8 ग्राम प्रति किलोग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। लेकिन अनुशंसित आहार सीमा से अधिक सेवन करने से किडनी पर अतिरिक्त भार पड़ता है और गुर्दे की विफलता और गुर्दे में पथरी हो सकती है। इसके अतिरिक्त, कुछ लोगों को कुछ सामग्रियों से एलर्जी की प्रतिक्रिया का अनुभव हो सकता है। जैसे कि सोया-बेस्ड सप्लीमेंट में फाइटोएस्ट्रोजन की उच्च मात्रा होती है जो शरीर के हार्मोनल संतुलन में हस्तक्षेप कर सकती है। यह बालों के झड़ने और मुंहासे को भी ट्रिगर कर सकता है। साथ ही प्रोटीन सप्लीमेंट में बहुत सारे मेटल होते हैं जो किडनी और लीवर को प्रभावित कर सकते हैं।

युवाओं को प्रोटीन ड्रिंक्स और सप्लीमेंट्स से बचना चाहिए?

डॉ. तायल ने बताया- 'प्रोटीन सप्लीमेंट के सेवन के लिए उम्र के संदर्भ में कोई विशेष दिशानिर्देश नहीं हैं। हालांकि, बहुत अधिक चीनी और सिंथेटिक एडिटिव्स के साथ बहुत सारे खाद्य सप्लीमेंट उपलब्ध हैं जो विशेष रूप से युवा आबादी को टारगेट करते हैं। इनके सेवन से अनावश्यक वजन बढ़ सकता है और मधुमेह के साथ हार्मोनल समस्याओं का खतरा बढ़ता है। इसीलिए प्रोटीन के प्राकृतिक स्रोतों के सेवन पर ज्यादा जोर देने चाहिए।'

ये हैं प्रोटीन के नेचुरल सोर्स

प्रोटीन लेने के पहले हमेशा किसी डॉक्टर के मार्गदर्शन में ही इसे खरीदना चाहिए। अधिकतम लाभ के लिए प्रोटीन का सेवन प्राकृतिक रूप में किया जाना चाहिए। प्रोटीन के कुछ समृद्ध स्रोत अंडे, दाल, दही, पनीर, चीज, चिकन, टोफू, बीन्स, मटर, नट्स, बीज, बीन्स और मछली हैं।

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