Diabetes Diet 2024: साल 2024 में भारत में डायबिटीज के करोड़ों मरीजों ने अपनी डाइट में नॉन स्टार्ची सब्जियां, हेल्दी फैट्स, मेडिटेरेनियन डाइट और फैटी फिश को शामिल किया। जानिए, ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के पॉपुलर फूड ऑप्शंस।

हेल्थ डेस्क: साल 2022 में भारत में डायबिटीज पीड़ितों की संख्या 21.2 करोड़ थी। दिन प्रति दिन मधुमेह के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। बीमारी को कंट्रोल में रखने के लिए डाइट अहम भूमिका निभाती है। आइए जानते हैं कि सोशल मीडिया में डायबिटीज की डाइट में इस साल क्या पॉपुलर रहा।

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डायबिटीज में नॉन स्टार्ची वेजीटेबल

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डायबिटीज से पीड़ित लोगों ने ब्लड में शुगर लेवल कंट्रोल रखने के लिए नॉन स्टार्ची वेजिटेबल्स को डाइट में शामिल किया। नॉन स्टार्ची सब्जियां जैसे की पालक, ब्रोकली, खीरा, बैंगन, मशरूम, हरा सलाद, शिमला मिर्च, प्याज आदि का सेवन किया। इन सब्जियों में स्टार्च या कार्बोहाइड्रेट बहुत कम होता है। कुछ सब्जियां जैसे कि आलू, मक्का, बीन्स, चने, मटर आदि में अधिक स्टार्च होता है। डायबिटीज पेशेंट्स अगर स्टार्च वाली सब्जियां खाएंगे तो उनके ब्लड में शुगर का लेवल अचानक से बढ़ जाएगा। 

हेल्दी फैट्स का किया गया इस्तेमाल

डायबिटीज के मरीजों ने खुद को हेल्दी बनाए रखने के लिए अपने खाने में हेल्दी फैट्स शामिल किए।गाय- भैंस का दूध पीने की बजाय प्लांट बेस्ड मिल्क पिया। वहीं ड्राई फ्रूट्स जैसे कि बादाम, अखरोट, काजू आदि का सेवन किया। हेल्दी फैट्स से शरीर को विटामिन के साथ ही कैल्शियम और एनर्जी भी मिलती है। डॉक्टर भी हेल्दी फैट लेने की सलाह देते हैं।

डायबिटीज में मेडिटेरेनियन डाइट

मेडिटेरेनियन डाइट दिल को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है। इसमें बहुत सारे फल के साथ सब्जियां, मछली, चिकन, ऑलिव ऑयल, फलिया और साबुत अनाज का इस्तेमाल किया जाता है। ब्रेड, मीट, मक्खन या नमक जैसी चीजों को मेडिटेरेनियन डाइट में नहीं खाया जाता है। स्टडी में भी यही बात सामने आती है चुकी है कि ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए मेडिटेरेनियन डाइट का सकारात्मक असर देखने को मिलता है। 

डायबिटीज में फिश का सेवन

डायबिटीज पेशेंट के बीच फैटी फिश भी खूब पॉपुलर रही। फिश में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो शरीर को एक्टिव रखने के साथ ही हार्ट और ब्रेन के फंक्शन को भी बढ़ावा देता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन की रिपोर्ट में बताया गया कि फिश में पॉलीअनसैचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है जो कि गुड फैट है। कुछ मछलियां जैसे कि सैलमान, टूना आदि का सेवन किया जा सकता है।

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