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लॉकडाउन में आमदनी का जरिया हो गया हो बंद तो घबराएं नहीं, इन 5 तरीकों से मिल सकती है मानसिक राहत

कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन ने कई तरह से लोगों पर असर डाला है। ज्यादातर कारोबारियों को इस दौरान काफी नुकसान झेलना पड़ा है, वहीं प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों की नौकरियां भी जा रही हैं। इससे लोग भारी चिंता और तनाव में रह रहे हैं। 

If there is no source of income in lockdown then do not panic, these 5 ways can provide mental relief MJA
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New Delhi, First Published Jun 8, 2020, 4:47 PM IST
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लाइफस्टाइल डेस्क। कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन ने कई तरह से लोगों पर असर डाला है। ज्यादातर कारोबारियों को इस दौरान काफी नुकसान झेलना पड़ा है, वहीं प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों की नौकरियां भी जा रही हैं। इससे लोग भारी चिंता और तनाव में रह रहे हैं। इसका असर फैमिली लाइफ पर बहुत खराब पड़ रहा है। चिंतित और परेशान लोग चिड़चिड़े हो जाते हैं। छोटी-छोटी बातों पर भी उन्हें तेज गुस्सा आता है। इससे घरेलू लड़ाई-झगड़े बढ़ रहे हैं। तनावपूर्ण माहौल का बच्चों पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है। कुछ लोग तो रोजगार बंद होने या नौकरी जाने की आशंका के चलते हताशा में चले जाते हैं। इससे नुकसान ज्यादा होता है। जानें ऐसी स्थिति से बचने के कुछ टिप्स।

1. ज्यादा चिंता नहीं करें
जैसी स्थितियां बन रही हैं, उनमें चिंता होना स्वाभाविक है। जब रोजगार बंद हो जाता है और आमदनी नहीं के बराबर रह जाती है, तो कोई भी चिंतित होगा। इसी तरह, नौकरी जाने का खतरा हो तो चिंता और घबराहट होगी ही, लेकिन यह सोचना चाहिए कि ज्यादा चिंता करने से किसी तरह का कोई फायदा होने वाला नहीं है। इससे आत्मविश्वास कम होता है। इसलिए चिंता करने के साथ ही समस्या के समाधान के बारे में सोचना ज्यादा ठीक होगा।

2. तनाव का माहौल नहीं बनने दें
जब आर्थिक परेशानियां बढ़ती हैं तो घर में तनाव का माहौल बनने लगता है। ऐसी हालत में परिवार में पति-पत्नी के बीच लड़ाई-झगड़े होने की संभावना बढ़ जाती है। रुपए-पैसे की कमी की समस्या का समाधान कैसे किया जाए, इस पर मिल-बैठ कर सोचें। तनाव में रहने और एक-दूसरे को जली-कटी बातें सुनाने से परेशानी बढ़ेगी ही, कोई समाधान नहीं निकलेगा। इसलिए कोशिश यह करें कि परिवार में तनाव का माहौल नहीं बनने पाए।

3. खर्चे कम करने के बारे में सोचें
संकट के समय इंसान को बहुत सोच-समझ कर कदम उठाना पड़ता है। घर में रुपए-पैसे की समस्या पैदा हो गई हो तो हर खर्च सोच-समझ कर करें। बहुत जरूरी चीजों की ही खरीददारी करें। आदमी चाहे तो अपनी जरूरतों को कम कर सकता है। संकट के समय में बचत बहुत मायने रखती है। घर का बजट बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि किन चीजों के बिना भी काम चल सकता है। 

4. आमदनी के दूसरे तरीकों पर नजर रखें
कोरोना महामारी में ऐसा नहीं कि सभी कामकाज बंद हो जाएंगे और सबकी नौकरी पर खतरा आ जाएगा, लेकिन फिर भी आमदनी के दूसरे तरीकों पर नजर रखें। बहुत से ऐसा छोटे काम-धंधे हैं, जिन्हें बहुत कम पूंजी में घर से चलाया जा सकता है और जिसके लिए बड़े बाजार की जरूरत भी नहीं है। सोचने पर कई तरह के विकल्प मिल सकते हैं। 

5 पॉजिटिव रहें
किसी भी परिस्थिति में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें। निराशा और हताशा को हावी मत होने दें। हताश हो जाने पर आदमी किसी काम के लायक नहीं रह जाता। ऐसी स्थिति में अवसर मिलने पर भी वह उसका फायदा नहीं उठा नहीं पाता। हमेशा निराश रहने पर कई तरह की मानसिक बीमारियां भी हो सकती हैं। इसलिए हर हाल में पॉजिटिव बने रहें। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद की कोई किरण जरूर होती है। बुरी परिस्थितियों के बाद हालात अच्छे भी बनते हैं। इसलिए सेल्फ कॉन्फिडेंस कमजोर मत होने दें।    
 

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