सार
बच्चे क्यों झूठ बोलते हैं? स्पीरीचुअल स्पीकर बीके शिवानी के अनुसार, डर और बार-बार बचने की आदत बच्चों को झूठ बोलने के लिए प्रेरित करती है। सही मार्गदर्शन से इस आदत को बदला जा सकता है।
Why children lie to their parents: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा हमेशा सच बोले लेकिन ज्यादातर देखने को मिलता है कि बच्चे कई मामलों में झूठ बोल देते हैं। ऐसा कम ही होता है कि बच्चे पूरी बात सच-सच बता दें। पेरेंट्स की इस समस्या के बारे में स्पीरीचुअल स्पीकर बीके शिवानी ने खास बात बताई उन्होंने बताया कि आखिरकार क्यों बच्चा पहली बार माता-पिता से झूठ बोलता है। आप भी जानिए कि कैसे बच्चे की झूठ बोलने की आदत को दूर किया जा सकता है।
एक प्रोसेस के बाद झूठ बोलते हैं बच्चे: बी के शिवानी
बी के शिवानी कहती हैं कि बच्चों का झूठ बोलना के प्रोसेस के द्वारा होता है। सबसे पहले पेरेट्स के कुछ पूछने पर बच्चों ने सोचा, फिर इवेलुएट किया, डिजीसन लिया और कर्म में झूठ आ जाता है। बी के शिवानी कहती हैं कि बच्चों का मन साफ होता है। वो सोचते हैं कि अगर सच बोला तो डांट पड़ेगी। अगर झूठ बोलेंगे तो बच जाएंगे। ऐसा कई बार होता है कि बच्चों का झूठ नहीं पकड़ा जाता है और वो बच जाते हैं। इस कारण से अगली बार उनके झूठ बोलने की संभावना बढ़ती जाती है।
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8 से 10 बार होता है झूठ बोलने का प्रोसेस
जब बच्चे झूठ बोलते हैं तो वह एक प्रक्रिया के तहत होता है। उनका दिमाग हर बार उन्हें बताता है कि उन्हें क्या डिसीजन लेना है। यह प्रॉसेस 8 से 10 बार होती है फिर उसके बाद यह प्रक्रिया बंद हो जाती है और बच्चों की हैबिट में झूठ बोलना पड़ जाता है। यानी कि अगर बच्चों को समझाया जाए तो यह गंदी हैबिट दूर हो सकती है।
डरा-धमका कर न रखें बच्चों को
अगर बच्चों को ज्यादा डरा कर रखा जाए तो उन्हें झूठ बोलना आसान लगता है। आपको बच्चों को समझना चाहिए कि सच बोलने से चीजें आसान हो जाती है। अगर आप उन्हें समझाएंगे तो वह इस गंदी आदत को छोड़ सकते हैं।
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