बुली बाई ऐप मामले के तार मध्य प्रदेश से भी जुड़ गए हैं। दिल्ली पुलिस ने जिस 20 साल के लड़के को असम से गिरफ्तार किया है, वह सीहोर की प्राइवेट यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट नीरज बिश्नोई ​​​​​​है। वो यहां वैल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) के सीहोर कैंपस में बीटेक (कम्प्यूटर साइंस) सेकेंड ईयर का स्टूडेंट है। 

सीहोर। बुली बाई ऐप मामले के तार मध्य प्रदेश से भी जुड़ गए हैं। दिल्ली पुलिस ने जिस 20 साल के लड़के को असम से गिरफ्तार किया है, वह सीहोर की प्राइवेट यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट नीरज बिश्नोई ​​​​​​है। वो यहां वैल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) के सीहोर कैंपस में बीटेक (कम्प्यूटर साइंस) सेकेंड ईयर का स्टूडेंट है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने आरोपी को सस्पेंड कर दिया है। उसने दो साल पहले 2020 में एडमिशन लिया था, लेकिन कोरोना के कारण कॉलेज नहीं आया और ऑनलाइन क्लास अटेंड करता रहा। अब बुली बाई ऐप में नाम सामने आने के बाद उसे कॉलेज से सस्पेंड कर दिया गया है। बता दें कि इस केस में पुलिस अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। 

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नीरज ने पुलिस को ये बताया...
मुख्य साजिशकर्ता नीरज बिश्नोई ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में कई बड़े राज खोले हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसने ऐप बनाने और ट्विटर अकाउंट्स को लेकर कई बातों का खुलासा किया। कोर्ट ने नीरज को सात दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। नीरज ने बताया कि उसी ने बुल्ली बाई ऐप को क्रिएट किया है। उसी ने github पर बुल्ली बाई ऐप को बनाया था। साथ ही ट्विटर पर @bullibai_ अकांउन्ट भी उसी ने बनाया था। github अकाउंट ऐप नवंबर 2021 में डेवलप हुआ था और दिसंबर 2021 में ये ऐप अपडेट हुआ था। साथ ही उसने @sage0x1 नाम से ट्विटर अकाउंट भी बनाया था। नीरज का कहना था कि वह इस ऐप के संबंध में सोशल मीडिया से खबरों पर नजर बनाए हुए था। उसने एक और ट्विटर एकाउंट @giyu44 बनाया और उससे ट्वीट किया था कि मुंबई पुलिस ने गलत लोगों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, इस मामले में मुंबई पुलिस ने बेंगलुरु और उत्तराखंड से गिरफ्तारी की थी। अब सूत्र बता रहे हैं कि ऐसा संभव है कि ये आरोपी आपस में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में रहते हों। ऐसी जानकारी भी मिली है कि उत्तराखंड से गिरफ्तार किए लोगों ने अकाउंट बनाकर नीरज को दिया था, जिसे वह हैंडल कर रहा था।

क्या है बुली बाई ऐप केस
बुली बाई ऐप के जरिए मुस्लिम समुदाय की महिलाओं की तस्वीरें लगाकर उनकी कथित तौर पर बोली लगाने का आरोप है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि उत्तराखंड के रुद्रपुर की स्टूडेंट श्वेता सिंह एक अन्य आरोपी विशाल के साथ विवादास्पद ऐप को कंट्रोल करती थी। उसने ही ऐप का ट्विटर हैंडल भी बनाया था। इस मामले पुलिस ने एक अन्य गिरफ्तारी उत्तराखंड से की है। उस युवक का नाम मयंक रावत है और वह श्वेता का दोस्त है। जबकि नीरज राजस्थान के नागौर का रहने वाला है। और विशाल बिहार का रहने वाला है।

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