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सिरदर्द बनी KBC में 50 लाख रुपए जीतने वाली लेडी अफसर!

KBC में 50 लाख रुपए जीतने वालीं यह लेडी अफसर कुछ न कुछ ऐसा करती रहती हैं, जो विवाद खड़ा कर देता है। पहले राजीव गांधी पर टोंट मारा और अब मप्र सरकार पर उंगली उठा दी। एक बार तो इन्होंने एक लड़की को चांटा दे मारा था।

Kaun Banega Crorepati and controversy of Tehsildar Amita Singh
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Bhopal, First Published Aug 12, 2019, 2:32 PM IST
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भोपाल. कौन बनेगा करोड़पति-2011 में हॉट सीट पर बैठने वालीं मप्र की इस दबंग लेडी अफसर ने फिर बखेड़ा खड़ा कर दिया है। उन्होंने पूरे सिस्टम को भ्रष्ट करार देकर कमलनाथ सरकार पर उंगुली उठा दी है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। वे राजीव गांधी पर भी टिप्पणी कर चुकी हैं। एक बार तो उन्होंने घर में टॉयलेट न होने पर एक लड़की को चांटा दे मारा था। अभी श्योपुर में पदस्थ तहसीलदार अमिता सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने चाटुकारिता और भ्रष्टाचार बनाम शासकीय सेवा शीर्षक से एक पोस्ट लिखी है। इसमें उन्होंने प्रदेशभर के तहसीलदारों को भ्रष्ट बताया है। उन्होंने लिखा कि ऐसी व्यवस्था से घिन आती है। अमिता सिंह ने श्योपुर कलेक्टर के कामकाज पर उंगुली उठाई है। उन्होंने लिखा कि हम जैसे वरिष्ठ तहसीलदारों को परे हटाकर नए नए साहबानों को मुख्यालय में तहदीलदारों के पद से नवाज़ा जा रहा है। अमिता सिंह ने लिखा कि सीनियर्स तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को गाड़ी में बैठाकर घुमाते हैं।

Kaun Banega Crorepati and controversy of Tehsildar Amita Singh

राजीव गांधी पर की थी टिप्पणी
जून 2016 में अमिता सिंह ने फेसबुक पर मोदी की अफगानिस्तान यात्रा पर टिप्पणी की थी। उन्होंने लिखा था-'प्रधानमंत्री अफगानिस्तान गए, तो वहां के मुसलमानों ने भारत के झंडे लेकर सड़क पर वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे लगाए, इसलिए प्रधानमंत्री से अनुरोध है कि वे 'राजीव गांधी आत्महत्या योजना' शुरू करें, ताकि छद्म धर्मनिरपेक्ष और कांग्रेसी विचार वाले लोग यह खबर सुनकर आत्महत्या कर सकें।' अमिता की इस पोस्ट के बाद जबर्दस्त विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने पोस्ट डिलीट कर दी थी।

जब लड़की को मारा था चांटा
यह मामला  2017 का है। अमिता सिंह राजगढ़ की नरसिंहगढ़ में तहसीलदार थीं। यहां खुले में शौच को रोकने प्रशासन का रोको टोको अभियान चलाया जा रहा था। तब वार्ड 13 के बाराद्वारी क्षेत्र में रहने वाली एक लड़की सुनीता विश्वकर्मा उन पर चांटा मारने का आरोप लगाया था। दरअसल, सुनीता के परिजनों ने टॉयलेट निर्माण के लिए गरपालिका में रुपए जमा कर दिए थे, लेकिन फिर भी टॉयलेट नहीं बन पाया था। अमिता सिंह इसके लिए लड़की के परिजनों को दोषी मान रही थीं।

Kaun Banega Crorepati and controversy of Tehsildar Amita Singh

420 का लग चुका है आरोप
KBC जीतने के बाद 2012 में ग्वालियर की एक महिला ने अमिता सिंह पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। गीता कुशवाह ने कहा था कि ग्वालियर के सिटी सेंटर स्थित एक फ्लैट को बेचने के लिए अमिता ने 25 हजार रुपए एडवांस ले लिया और रजिस्ट्री भी नहीं करवाई। 

लगातार ट्रांसफर पर उठाए थे सवाल
यह बात 2017 की  है कि जब राजगढ़ जिले के ब्यावरा में तहसीलदार अमिता सिंह का ट्रांसफर सीधी जिले में कर दिया गया था। तब मप्र में शिवराज  सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे। अपने ट्रांसफर से अमिता सिंह काफी खफा थीं। उन्होंने ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी परेशानी बताई थी। उन्होंने ट्वीट किया, '13 साल की नौकरी के दौरान यह मेरा 25वां तबादला है। जब भी मेरा तबादला किया गया, हर बार मुझे 500 किलोमीटर दूर ही भेजा गया।' 
 

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