स्तुति मिश्रा अगस्त 2020 से ट्विटर पर सक्रिय हैं। वह जबलपुर के जवाहरलाल नेहरू एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। कई बार ट्वीट कर वे कांग्रेस के निशाने पर आ चुकी हैं। एक बार फिर उनके एक ट्वीट ने सियासी पारे को बढ़ा दिया है।

भोपाल : मध्यप्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) इस वक्त कांग्रेस के निशाने पर हैं। कई बार अपने ट्वीट से सुर्खियों में रहने वाली उनकी पत्नी डॉ. स्तुति मिश्रा (Stuti Mishra) एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मुस्लिम केमिस्ट की तारीफ कर वे ट्रोल हो गई हैं। इसके बाद जब विवाद बढ़ा तो उन्होंने अपना ट्विटर अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया लेकिन उनकी मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। इधर, उन्होंने अपना अकाउंट बंद किया तो उधर कांग्रेस (Congress) उनके जरिए वीडी शर्मा पर हमलावर हो गई। एक के बाद एक कांग्रेस के नेताओं ने ट्वीट कर इसे सियासी मुद्दा बनाते हुए पूरी भाजपा समेत प्रदेश अध्यक्ष को घेरा और कहा कि यही इनका असली चेहरा है। 

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अभी तो भाभी जी का ही अकाउंट बंद हुआ है
कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा (Narendra Saluja) ने ट्वीट कर तंज कसा। उन्होंने एक के बाद एक किए ट्वीट में लिखा कि अभी तक तो भाभीजी का ट्वीट ही अचानक गायब हुआ था, अब तो ट्विटर अकाउंट भी नहीं दिख रहा है। एक स्वतंत्र देश में विचारों की स्वतंत्रता तो सभी को है। दिल्ली से लेकर प्रदेश में आपकी सरकार, जब आप खुद अपने दिल के विचार नहीं लिख सकते हैं तो बाकी का तो फिर सोचा ही जा सकता है? उन्होंने आगे लिखा है कि भाभी जी, आपने दिल की आवाज बयां की, लेकिन विचारधारा के कारण आपको उसे हटाना पड़ा। अच्छा होता कि आप सच पर कायम रहतीं, ऐसे लोगों को मुखरता से जवाब देतीं लेकिन मुसीबत कहीं और आ जाती।

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केके मिश्रा ने भी घेरा
वहीं, कांग्रेस मीडिया इंचार्ज केके मिश्रा ने भी इसको लेकर वीडी शर्मा और पूरी भारतीय जनता पार्टी को घेरा। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि नफरत फैलाने की वैचारिक शिक्षा देने वाली छत के नीचे सत्य स्वीकारने और वैमनस्यता के खिलाफ शांतिदूत भी। भाभी जी आपके अदम्य साहस को सलाम। ट्वीट डिलीट करने की मजबूरी भी लाजमी थी, किन्तु एक दिन वीडी शर्मा भाई साहब भी इस बात को समझेंगे।

क्या है पूरा मामला
दरअसल, 16 अप्रैल को वीडी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा ने जबलपुर से रात 11.28 बजे एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि मुझे कल रात को दवाई की जरूरत थी और सभी दुकानें बंद हो चुकी थीं, रात साढ़े 11 बजे एक मुस्लिम की दवा दुकान खुली हुई थी।ड्राइवर और मैं उस दुकान पर पहुंचे और दवाई खरीदी। उसने कहा कि दीदी इस वाली दवाई से नींद ज्यादा आती है, कम ड्रॉप दीजिएगा। वह बहुत केयरिंग था और वह मुस्लिम था। उनके इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। कई नेता इसको लेकर ट्वीट करने लगे। दिल्ली से बीजेपी प्रवक्तातेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि केमिस्ट का धर्म था, लेकिन आतंकवाद का धर्म नहीं होता। इसके बाद सियासी पारा काफी हाई हो गया।

पहले ट्वीट डिलीट फिर दी सफाई
विवाद बढ़ा तो स्तुति मिश्रा ने ट्वीट डिलीट करते हुए सफाई दी और एक और ट्वीट कर लिखा- पिछला ट्वीट अनावश्यक अराजकता फैला रहा था, इसलिए डिलीट करना पड़ा। धार्मिक लड़ाई के विषय पर विचार साझा करना मुश्किल है। मेरा मकसद किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। बाकी सब कर्म पर छोड़ देते हैं। जय महाकाल। वहीं इस मामले में वीडी शर्मा ने मंगलवार को कहा था कि स्तुति एक स्वतंत्र नागरिक है। इस पर इतना ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। बता दें कि इससे पहले भी अपने ट्वीट को लेकर स्तुति कई बार चर्चा में रह चुकी हैं। इससे पहले 12 अप्रैल को उन्होंने ट्वीट किया था कि क्यूं लड़ती है दुनिया मजहब पर... ये बात समझ नहीं आती है। मजहब पर लड़ना तो ना गीता ना कुरान सिखाती है। इससे पहले उन्होंने एक अप्रैल को एक ट्वीट में उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया था।

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