पुलिस विभाग के लिए यह शर्मनाक घटना भोपाल की है। एडिशनल एसपी बीएम शाक्य अपनी सरकारी कार से पत्नी और बच्चों के साथ देर रात किसी रिश्तेदार के यहां से लौटकर आ रहे थे। इस दौरान चौराहे पर बैरिकेड लगे हुए थे, वह बैरिकेड हटाने लगे। तभी पीछे से सिपाहियों ने डीएसपी के साथ गाली-गलौच करते हुए मारपीट करने लगे।

भोपाल (मध्य प्रदेश). अक्सर खबरें सामने आती रहती हैं कि पुलिसवालों ने बेवजह किसी निर्दोष को बेहरमी से पीट दिया। लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से जो मामला सामने आया है, उससे पूरा पुलिस महकमा शर्मसार हो गया। यहां 3 सिपाहियों ने मिलकर एक एडिशनल एसपी रैंक के एक अफसर को बीच सड़क पर किसी अपराधी की तरह पीट दिया दिया। 

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नशे में धुत 3 कॉन्स्टेबलों ने ASP को जमकर पीटा
दरअसल, पुलिस विभाग के लिए यह शर्मनाक घटना भोपाल के डिपो चौराहे पर देसी शराब के ठेके के पास रविवार देर रात की बताई जा रही है। मामले को चुपचाप दबा लिया गया था, लेकिन मीडिया में सामने आने के बाद अब जाकर आरोपी सिपाहियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी नशे में धुत थे।

एक सिपाही ने अफसर की चबा ली एक उंगली
पुलिस जांच में सामने आया है कि एडिशनल एसपी बीएम शाक्य अपनी सरकारी कार से पत्नी और बच्चों के साथ देर रात किसी रिश्तेदार के यहां से लौटकर आ रहे थे। इस दौरान चौराहे पर बैरिकेड लगे हुए थे, जिसे देख वह कार से नीचे उतरे थे और बैरिकेड हटाने लगे। तभी पीछे से तीन सिपाही आए और डीएसपी के साथ गाली-गलौच करते हुए बदतमीजी करने लगे।

पत्नी और बच्चों के सामने पुलिस अफसर को पीटा
डीएसपी शाक्य सिपाहियों को समझाने की कोशिश कर ही रहे थे, उन्होंने कहा- मैं भी एक पुलिस का अधिकारी हूं, तो आरोपी कहने लगे हम भी पुलिस में हैं। आप क्या कर लोगे। इसी दौरान एक कांस्टेबल ने उनके साथ मारपीट करने लगा। वहीं दूसरा सिपाही ने उनकी उंगली तक चबा डाली। जिसके बाद वह तीनो वहां से भाग खड़े हुए। हैरानी की बात यह है कि इन सिपाहियों ने यह शर्मनाक घटना उस दौरान की जब अफसर के साथ उनकी पत्नी और बच्चे मौजूद थे। जब पत्नी ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो आरोपियों ने महिला को भी धक्का दे दिया।

दो को किया सस्पेंड..एक पहले से है सस्पेंड
मामले की जांच कर रहे एडिशनल एसपी अंकित जायसवाल ने बताया कि आरोपी तीनों सिपाही सिविल ड्रेस में थे। वहीं बीएम शाक्य भी वर्दी में नहीं थे, इसलिए एक दूसरे को आइडेंटिफाई नहीं कर पाए और विवाद हो गया। हालांकि, इस मामले में दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं तीसरा सिपाही पहले से ही किसी दूसरे मामले में सस्पेंड है।

तीनों आरोपी हैं आपस में दोस्त
बताया जा रहा है कि इन सिपाहियों में से एक क्राइम ब्रांच में है और वहीं दूसरा यातायात में पदस्थ है, जबकि तीसरा जवान एसटीएफ में पदस्थ है। तीनों जवान घटन के वक्त अपने चौथे आरक्षक को रेलवे स्टेशन छोड़कर लौट रहे थे। इसी दौरान यह पूरा मामला हो गया। चारों के खिलाफ धारा मामला दर्ज हो गया है और इनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। तीनों आोरपी विनोद पाराशर, अनिल जाट,और अवधेश चौधरी आपस में दोस्त हैं।  (फोटो प्रतीकात्मक)