मध्य प्रदेश के भोपाल से दर्दनाक मामला सामने आया है। जहां पुलिस थाने से महज 200 मीटर दूर दो जुड़वा बच्चों के शव मिले हैं। पुलिस मासूमों की मां से पूछाताछ कर रही है। वहीं महिला ने बच्चों की हत्या के पीछे अपने पति का हाथ बताया है। 

भोपाल (मध्य प्रदेश). राजधानी भोपाल से एक दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जहां हबीबगंज इलाके में ज्ञानेश्वर मंदिर के पीछे जुड़वा बच्चों के शव मिले हैं। दोनों मासूम का जन्म 15 दिन पहले ही हुआ है। वहीं पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। घटनास्थल और आसपास सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इसी बीच सपना धाकड नाम की महिला को शक के तौर पर हिरासत में लिया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

मां की गोद से रहस्यमय तरीके से गुम हुए थे बच्चे
दरअसल, कोलार गेस्ट हाउस के पास रहने वाली 27 साल की सपना धाकड़ ने 7 सितंबर को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। लेकिन 
बच्चे शुक्रवार शाम को टीटी नगर थाना क्षेत्र स्थित बाणगंगा फुटपाथ से रहस्यमय तरीके से गुम हो गए। पुलिस को सपना धाकड़ पर संदेह है। उसे आज पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जहां उससे पूछताछ की जा रही है। वह इस घटना के पीछे अपने पति का हाथ बता रही है।

'पति ने बच्चों को मार डाला...उसके पास बच्चों को पालने के पैसे नहीं थे...
 बच्चों की मां सपना ने पुलिस को बताया कि वह 23 सितंबर की तड़के 4.30 बजे दोनों बच्चों को लेकर घर से मायके जाने के लिए बैरसिया के लिए निकली थी। वह माता मंदिर होकर पैदल चलकर रंगमहल चौराहे पहुंची। यहां उसने अपने बच्चों को फुटपाथ पर सुलाया और टॉयलेट करने के बाद लौटी तो बच्चे वहां पर नहीं थे। महिला ने कहा कि उसके बच्चों की हत्या उसके पति ने की है। क्योंकि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। परिवार में पहले से ही एक बेटी थी और दो जुड़वा बच्चे हो गए। इसलिए पति ने बच्चों को मार डाला, क्योंकि उसे लगता होगा कि वह उनका खर्च नहीं उठा पाएगा।

पुलिस जांच में सामने आ रही अलग ही कहानी
वहीं इस केस में पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया है कि सपना कोलार रेस्ट हाउस से बच्चे लेकर निकली थी। लेकिन हबीबगंज पुलिस स्टेशन के पास जब सिटी बस में सवार हुई तो बच्चे उसकी गोद में नहीं थे। बस का वीडियो दिखाने के बाद पीड़िता सपना धाकड़ के शरीर में अजीब से हरकत होने लगी। परिजन ने पुलिस से कहा कि उसे देवी आई है। हालत बिगड़ने लगी परिजनों पीड़िता को झाड़-फूंक करवाने के लिए बैरसिया ले गए थे।