भोपाल के एक मदरसे में मासूम बच्चों के साथ जानवरों की तरह सलूक किया जाता था। उनको जंजीरों से बांधकर रखा जाता था। लोग मासूमों को देख हैरान थे। वह रोते हुए सड़क पर बैंच के साथ घिसट रहे थे। 

भोपाल. माता-पिता अपने बच्चों को मदरसों में अच्छी तालीम और कुरान-हदीस की पढ़ाई करने के लिए भेजते हैं। लेकिन राजधानी भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया है। जहां एक मदरसे में मासूम बच्चों के साथ जानवरों की तरह सलूक किया जाता था। उनको जंजीरों से बांधकर रखा जाता था। जब वह बीच सड़क पर रोते हुए घिसट रहे थे तो लोग उनकी पीड़ा देख हैरान थे। 

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बच्चों ने लोगों के बताई उसके जुल्मों की कहानी
दरअसल ये मामला जब सामने आया तब दो मासूम बच्चों बीच सड़क पर बंधी जजीर और बैंच के साथ बीच रास्ते पर पड़े थे। वह थोड़ी दूर चलते और फिर गिर जाते। मासूमों को जमीन पर गिरा देख आस-पास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने किसी तरह उनको उठाकर एक तरफ बिठाया और इसकी सूचना पुलिस को दी। बच्चों ने जब लोगों को अपने ऊपर होने वाले जुल्मों की कहानी बयां कि तो वह हैरान थे। मासूमों का दर्द सुनकर कुछ लोगों की आंखों में आंसू आ गए।

बुरी तरह मासूमों पर अत्याचार करता था हाफिज
एक बच्चे ने पुलिस को बताया कि वह अशोका गार्डन इलाके के एक मदरसे में पढ़ाई करने आए हैं। लेकिन यहां पढ़ाने वाले हाफिज उनको बुरी तरह पीटते हैं और पैरों में जंजीर बांधकर रखते हैं। पुलिस ने हाफिज को हिरासत में ले लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि वो मासूमों पर इतने अत्याचार क्यों करता था।

बच्चे राजधानी के रहने वाले हैं
पुलिस के मुताबिक ने मदरसा संचालक को हिरासत में लेकर उससे चाबी ली। फिर बच्चों के पैरों में बंधी हुई जंजीर खोली गई। पुलिस ने बताया यह बच्चे करीब 10 और 7 साल के हैं। जिनको मदरसा संचालक जंजीरों में बांधकर रखता था। आरोपी का मदरसा मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड में भी रजिस्टर्ड नहीं है। बच्चे भोपाल के सोनागिरी इलाके के रहने वाले हैं।