एक हालिया इंटरव्यू में एनसीपी नेता अजित पवार ने माना कि सरकार रहने के दौरान शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे को गिरफ्तार करना बड़ी भूल थी। एनसीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार के इस बयान की महाराष्ट्र में चर्चा है। 


मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा के किए 288 सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया शुरू है। पार्टियां जमकर प्रचार कर रही हैं। विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने गठबंधन किया है। फिलहाल सत्ता में बीजेपी और शिवसेना काबिज है। कांग्रेस-एनसीपी सत्ता में दोबारा वापसी के लिए हरसंभव कोशिश कर रही हैं। इस कोशिश में पुरानी गलतियां भी याद की जा रही हैं।

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अब एक हालिया इंटरव्यू में एनसीपी के दिग्गज नेता ने माना कि सरकार रहने के दौरान शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे को गिरफ्तार करना बड़ी भूल थी। एनसीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार के इस बयान की महाराष्ट्र में चर्चा है। उधर, ये स्वीकारोक्ति सामने आने के बाद शिवसेना दुख जताने की बजाए माफी की मांग की है।

क्या कहा था अजित पवार ने?

मराठी टीवी के लिए एक इंटरव्यू में एनसीपी नेता ने कहा कि उस वक्त मेरा मानना था कि ऐसी राजनीति (ठाकरे को गिरफ्तार करना) न की जाए। लेकिन हमारी राय को तवज्जो नहीं दी गई। एनसीपी के कुछ लोगों, सीनियर लीडर्स की वजह से बालासाहब ठाकरे को गिरफ्तार किया गया था। हमने तब आपत्ति जताई, लेकिन हमारी बात नहीं मानी गई।

शिवसेना ने क्या कहा?

कहा- अगर अजित पवार के आंसू सच्चे हैं तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए। पार्टी प्रवक्ता सांसद संजय राउत ने सवाल पूछा कि बालासाहब की गिरफ्तारी में गलती मानने में इतना समय क्यों लगा?

क्या था बालासाहब के गिरफ्तारी का मामला

साल 2000 में कांग्रेस-एनसीपी की सरकार ने शिवसेना मुखपत्र सामना के जरिए सांप्रदायिक घृणा फैलाने के आरोप में बालसाहब ठाकरे को अरेस्ट किया था। माना गया था कि इसके पीछे एनसीपी नेता छगन भुजबल की भूमिका अहम थी।