1995 में राधाकृष्ण पहली बार विधायक बने थे। तब से 2014 तक इन्होंने विधानसभा का कोई चुनाव नहीं हारा है। लोकसभा चुनाव से पहले इनके बेटे सुजय विखे पाटिल ने अहमद नगर सीट से बीजेपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

शिरडी/मुंबई। विधानसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले महाराष्ट्र में एक दिलचस्प घटना हुई। विधानसभा में जो नेता अपनी पार्टी का चेहरा था और सरकार पर सवाल खड़े करता था उसी ने पार्टी को छोड़कर सरकार में शामिल हो गया। ये नेता कोई और नहीं राधाकृष्ण विखे पाटिल हैं। ये दिग्गज नेता शिरडी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहा है।

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फडणवीस के सरकार में हैं कैबिनेट मंत्री

राधाकृष्ण कांग्रेस के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री बालसाहब विखे पाटिल के बेटे हैं। इन्होंने 2014 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीता था। पांच साल पहले नतीजों के बाद पार्टी ने इन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चुना। मगर विधानसभा का कार्यकाल पूरा होते-होते नेता विपक्ष का अपनी ही पार्टी से मोहभंग हो गया। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद राधाकृष्ण बीजेपी में शामिल हो गए और इन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। ये दिग्गज नेता इससे पहले राज्य में मंत्री रहा है। राधाकृष्ण पिछले ढाई दशक से विधानसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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