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सरकार की छोटी सी लापरवाही पड़ी महंगी, आधे रास्ते से लौटकर जा रहे अजंता गुफाओं के पर्यटक

औरंगाबाद जिले में चट्टानों को काट कर बनाई गई 30 बौद्ध गुफाओं को देखने के लिए इस साल जनवरी में 3,352 विदेशियों सहित कुल 41,134 पर्यटक आए। वहीं अगस्त महीने में यह संख्या 139 विदेशियों सहित 10,631 रह गई।
 

Government's little negligence is expensive, tourists going to Ajanta caves returning from halfway
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Aurangabad, First Published Sep 25, 2019, 9:54 PM IST
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औरंगाबाद. विश्व विरासत सूची में शामिल अजंता की गुफाओं तक जाने वाली सड़कों की खराब हालत की वजह से पर्यटकों की संख्या घट रही है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के मुताबिक महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में चट्टानों को काट कर बनाई गई 30 बौद्ध गुफाओं को देखने के लिए इस साल जनवरी में 3,352 विदेशियों सहित कुल 41,134 पर्यटक आए। वहीं अगस्त महीने में यह संख्या 139 विदेशियों सहित 10,631 रह गई।

चल रहा है सड़क निर्माण का काम 
पिछले साल जनवरी में 3,907 विदेशियों सहित 52,410 पर्यटक अजंता की गुफाएं देखने आए वहीं पिछले साल अगस्त में 874 विदेशियों सहित 35,359 पर्यटक आए थे। इसके अलावा जनवरी से सितंबर 2018 के बीच (दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन) देशों के 29 पर्यटक अंजता की गुफाओं को देखने आए लेकिन इस वर्ष इस अवधि में इन देशों का एक भी पर्यटक यहां नहीं आया। टूर ऑपरेटरों के स्थानीय संगठन औरंगाबाद दुरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन’ के प्रमुख जसवंत सिंह ने बताया कि 150 किलोमीटर लंबे औरंगाबाद-सिलोड-अजंता- जलगांव राजमार्ग के चौड़ा करने के काम में देरी की वजह से लोगों को इन ऐतहासिक गुफाओं तक पहुंचने में मुश्किल आ रही है।

कई बार आधे रास्ते से ही लौट जाते हैं पर्यटक 
जापानी और स्पेनी भाषा में पारंगत गाइड रत्नाकर शेहवाल ने भी कहा कि औरंगाबाद शहर से 100 किलोमीटर दूर स्थित अजंता को जोड़ने वाली सड़क निर्माण की परियोजना में देरी से आवाजाही में परेशानी हो रही है। उन्होंने दावा किया, ‘‘ कई बार पर्यटक सड़क पर गड्ढे होने की वजह से बीच रास्ते से ही लौट जाते हैं। इसकी वजह से गाइड और होटलों की कमाई पर असर पड़ रहा है। इस साल गत वर्षों के मुकाबले आधी कमाई हुई है। संपर्क करने पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीक्षण अभियंता प्रशांत औती ने बताया कि औरंगाबाद-सिलोड-अजंता-जलगांव रोड परियोजना का ठेका जिसे दिया गया उसमें कुछ अनियमिताएं पाई गई हैं।

अगले साल तक पूरा हो सकता है काम 
उन्होंने कहा, हमने उस एजेंसी की सेवाएं समाप्त कर दी है और किसी अन्य को ठेका देने की प्रक्रिया जारी है। हमें उम्मीद है कि अगले महीने से काम अपनी पूरी गति से शुरू हो जाएगा। अगर सबकुछ ठीक रहा तो अगले 12 महीनों में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। अधीक्षण पुरातत्व डॉ. डीके कुमारी ने कहा कि हम जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद कर रहे हैं। ताकि लोग आसानी से अंजता की गुफाओं को देख सकें।
(यह खबर न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की है। एशियानेट हिंदी की टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

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