भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अधिकारों को लेकर राज्य की महा विकास अघाड़ी सरकार पर जमकर निशाना साध रही है। देवेंद्र फडणवीस ने ठाकरे सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में यह मामला नहीं सुलझेगा तो वह यह मुद्दा संसद में लेकर जाएंगे।

नागपुर. महाराष्‍ट्र में एक बार फिर ओबीसी आरक्षण का मुद्दा गरमाता जा रहा है। राज्य के बीजेपी नेताओं ने अलग-अलग जगह आरक्षण बहाल करने की मांग को लेकर चक्का जाम किया। वहीं महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो स्थानीय चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लागू करेगी। अगर हम ऐसा नहीं कर सके तो मैं राजनीति छोड़कर रिटायर हो जाऊंगा।

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 मैं चार महीने में मुद्दे को खत्म कर दूंगा या सियासत छोड़ दूंगा
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग के अधिकारों को लेकर राज्य की महा विकास अघाड़ी सरकार पर जमकर निशाना साध रही है। देवेंद्र फडणवीस ने ठाकरे सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में यह मामला नहीं सुलझेगा तो वह यह मुद्दा संसद में लेकर जाएंगे। हालांकि इस मामले को राज्य में ही हल किया जा सकता है। महाराष्‍ट्र सरकार चाहे तो एक कानून बनाकर ओबीसी आरक्षण को बहाल कर सकती है। लेकिन वह ऐसा नहीं चाहती है सरकार इस मुद्दे को हल करे या फिर सत्ता मुझे सौंपे, मैं चार महीने में इस समस्या हल नहीं कर पाया तो सियासत से सन्यांस ले लूंगा।

क्या है पूरा मामला 
बता दें कि साल 2019 में भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार ने स्थानीय निकायों में ओबीसी को राजनीतिक आरक्षण दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि महाराष्ट्र में संबंधित स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं ओबीसी के लिए आरक्षित कुल सीटों के 50 फीसदी से अधिक नहीं हो सकता।