मुंबई. शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने शनिवार को कहा कि उन्हें कोई पद नहीं चाहिए लेकिन वह किसी जिम्मेदारी से नहीं भागेंगे। आदित्य ठाकरे की पार्टी के कुछ नेता उन्हें महाराष्ट्र के अगले उपमुख्यमंत्री के तौर पर पेश कर रहे हैं । आदित्य ने कहा, ‘‘मैं किसी पद के पीछे नहीं भाग रहा...मैं लोगों के सपनों और उनकी आकांक्षा को साकार करने के लिए काम करुंगा। क्या वह महाराष्ट्र के अगले उपमुख्यमंत्री होंगे, यह पूछे जाने पर युवा शिवसेना प्रमुख ने कहा कि इसका फैसला उनके पिता, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे करेंगे । शिवसेना लोगों की भावनाओं के आधार पर फैसला करेगी कि क्या उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए।

किसी भी जिम्मेदारी से नहीं भागने वाला 
उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसी भी जिम्मेदारी से नहीं भागने वाला...मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण ये है कि चुनाव में मेरी पार्टी के सभी उम्मीदवार जीतें।’’ राम मंदिर के मुद्दे पर आदित्य ने कहा कि उन्होंने अयोध्या में लोगों की भावनाएं महसूस की थी और दावा किया कि शिवसेना और उसकी सहयोगी भाजपा की समान इच्छा है कि मंदिर वहां बने, जहां भगवान राम का जन्म हुआ था । आदित्य के पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा था कि मुंबई मेट्रो के कारशेड के लिए आरे कॉलोनी की जमीन की जरूरत है, हालांकि इसके लिए पेड़ काटने पड़ेंगे। आदित्य ने आरे में पेड़ों को काटे जाने के खिलाफ नागरिकों की मुहिम का समर्थन किया है।

मेट्रो सभी का सपना पर पेड़ नहीं कटने देंगे 
इस बारे में पूछे जाने पर आदित्य ने कहा कि कार शेड वहां नहीं बनेगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह मुद्दा महज गठबंधन के बारे में नहीं है, यह आदित्य बनाम मुख्यमंत्री ना ही शिवसेना बनाम भाजपा का मुद्दा है। यह मुंबई बनाम पर्यावरण को नुकसान का मुद्दा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम भी मेट्रो चाहते हैं...मुख्यमंत्री की तरह यह हमारा भी सपना है... लेकिन मुद्दा पेड़ों को काटने का नहीं बल्कि पारिस्थितिक तंत्र का है।’’

[यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है]