नई दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर फंसे पेंच को सुलझाने के लिए जल्द ही दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत हो सकती है । वहीं, राजग में सहयोगी आरपीआई (ए) ने 10 सीटों की मांग की है ।


भाजपा शिवसेना को बराबर संख्या में सीट नहीं देना चाहती है
शिवसेना महाराष्ट्र में आसन्न विधानसभा चुनाव में उतनी ही सीट पर लड़ना चाहती है जितनी पर भाजपा अपने प्रत्याशी उतारेगी। वहीं, भाजपा शिवसेना को बराबर संख्या में सीट नहीं देना चाहती है ।भाजपा के एक नेता ने तर्क दिया, ‘‘ 2014 के चुनाव के मुकाबले इस साल आम चुनाव में पार्टी की वोट शेयर बढ़ गया है तथा जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 समाप्त किया जाना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि चुनाव में अहम होगी । ’’ हालांकि, पार्टी सूत्रों ने बताया कि सीटों के बारे में दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत के बाद जल्द रास्ता निकाल लिया जायेगा ।महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ राजग के घटक आरपीआई (ए) के अध्यक्ष रामदास अठावले ने सहयोगी शिवसेना को 120 से 125 सीटों का फार्मूले स्वीकार करने का सुझाव दिया ।उन्होंने जोर दिया कि पिछले विधानसभा चुनाव की तरह कुछ सीटों को लेकर गठबंधन को भेंट नहीं चढ़ाया जाना चाहिए ।अठावले ने ‘भाषा’ से कहा, ‘‘ महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में आरपीआई को कम से कम 10 सीटें मिलनी चाहिए और शीघ्र ही सीटों का बंटवारा भी हो जाना चाहिए । ऐसा अनुरोध मैंने भाजपा के उच्च स्तरीय नेतृत्व से हुई वार्ता में किया है । ’’ उन्होंने दावा किया कि यदि शीघ्र सीटों का बंटवारा हो जाएगा तो भाजपा..शिवसेना.. आरपीआई सहित अन्य गठबंधन को 240 सीटें पर विजय मिलना निश्चित है ।गौरतलब है कि राज्य में विपक्ष के प्रमुख गठबंधन कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेसी पार्टी ने सीटों के तालमेल को अंतिम रूप दे दिया है। राकांपा के प्रमुख शरद पवार ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि कांग्रेस और राकांपा प्रदेश में 125-125 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और 38 सीटें छोटी सहयोगी दलों के लिये छोड़ी जायेंगी ।2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में दोनों दलों के बीच बराबर बराबर सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने पर सहमति बनी थी ।

(यह खबर न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की है। एशियानेट हिंदी की टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)