लोकसभा में विधेयक पर सरकार के साथ नजर आ रही  शिवसेना ने राज्यसभा में समर्थन देने से हाथ खींच लिए हैं कहा जा रहा है कि शिवसेना के कदम से सहयोगी पार्टी कांग्रेस नाराज है 

मुंबई: नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर शिवसेना पर कांग्रेस का दबाव नजर आ रहा है। लोकसभा में विधेयक पर सरकार के साथ नजर आ रही पार्टी ने राज्यसभा में समर्थन देने से हाथ खींच लिए हैं। कहा जा रहा है कि शिवसेना के कदम से सहयोगी पार्टी कांग्रेस नाराज है।

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इस बीच महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता मनोहर जोशी ने एक बातचीत में कहा कि बीजेपी और कांग्रेस फिर एक-दूसरे के साथ आ सकते हैं। मनोहर जोशी ने संकेतों में साफ कर दिया कि आगे बीजेपी और शिवसेना के रिश्ते फिर मधुर हो सकते हैं।

मनोहर जोशी ने क्या-क्या कहा

जोशी ने कहा, "छोटे मुद्दों पर लड़ने की जगह बेहतर है कि कुछ बातों को बर्दाश्त किया जाए। जिन मुद्दों को आप शिद्दत से महसूस करते हैं, उसे साझा करना अच्छा है। अगर दोनों दल (बीजेपी और कांग्रेस) साथ में काम करते हैं तो यह दोनों के लिए बेहतर होगा।" जोशी ने यह भी कहा, "ऐसा नहीं है कि शिवसेना अब कभी भी बीजेपी के साथ नहीं जाएगी। उद्धव ठाकरे सही समय पर सही निर्णय लेंगे।"

नवंबर से पहले तक बीजेपी और शिवसेना के बीच गठबंधन था। दोनों पार्टियों ने महाराष्ट्र में विधानसभा का चुनाव भी एक साथ लड़ा था। मगर नतीजों के आने के बाद मुख्यमंत्री के पद को लेकर दोनों दलों में सहमति नहीं बन पाई और अलगाव हो गया। बाद में शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बना ली।

सोनिया गांधी के फोन के बाद पलट गए उद्धव ठाकरे

नागरिकता संशोधन विधेयक पर लोकसभा में शिवसेना ने केंद्र सरकार के पक्ष में मतदान किया। लेकिन कहा जा रहा है कि इस बात से सोनिया गांधी बेहद नाराज हैं। उन्होंने उद्धव ठाकरे से इस बारे में बात भी की। बाद में उद्धव ने विधेयक पर पार्टी का रुख बादल दिया। उन्होंने कहा नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर तमाम मुद्दों के साफ होने के बाद ही वो राज्यसभा में इसका समर्थन करेंगे।