महाराष्ट्र के बीजेपी नेता कृपाशंकर सिंह (Kripashankar Singh) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि यूपी के स्कूलों में छात्रों को मराठी पढ़ाई जाए। उन्होंने कहा है कि इससे यूपी के छात्रों को महाराष्ट्र में काम मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

मुंबई। देश में इन दोनों भाषा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। करीब एक महीने पहले तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री के पोनमुडी ने कहा था कि हिंदी भाषी लोग पानी पूरी बेचते हैं। अब द्रमुक नेता टीकेएस एलनगोवन ने कहा है कि हिंदी पढ़ने वाले लोग 'शूद्र' बन जाएंगे। इस बीच महाराष्ट्र के एक बीजेपी नेता ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि यूपी के स्कूलों में छात्रों को मराठी पढ़ाई जाए। 

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भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह (Kripashankar Singh) ने योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर यूपी के स्कूलों में मराठी को वैकल्पिक भाषा के रूप में पढ़ाने की मांग की है। कृपाशंकर ने कहा है कि मराठी भाषा पढ़ने से यूपी के छात्रों को महाराष्ट्र में काम मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। अगर माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में मराठी को वैकल्पिक भाषा बना दिया जाता है तो इससे छात्रों को महाराष्ट्र में बेहतर रोजगार मिल सकता है। मैं आपसे उत्तर प्रदेश के स्कूलों में मराठी को वैकल्पिक भाषा के रूप में शामिल करने का अनुरोध करता हूं।

मराठी भाषा नहीं पता होने के चलते होती है परेशानी
कृपाशंकर ने कहा कि मैं पिछले 50 साल से महाराष्ट्र में रह रहा हूं। अपने कार्यकाल के दौरान मैंने देखा कि जब यूपी से छात्र महाराष्ट्र आते हैं तो उन्हें मराठी भाषा नहीं पता होने के चलते कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, राज्य सरकार या निगमों में कई ऐसी रिक्तियां हैं, जिन्हें मराठी भाषा की जानकारी की जरूरत होती है। उत्तरप्रदेश के बहुत से छात्र उच्च माध्यमिक की पढ़ाई पूरी कर काम की तलाश में महाराष्ट्र आते हैं। इसके चलते मैं उन्हें स्कूल में मराठी भाषा पढ़ाने का अनुरोध कर रहा हूं। 

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बता दें कि कृपाशंकर 2004 में कांग्रेस की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम और अन्य नगर निकायों के चुनाव अगले कुछ महीनों में होने हैं। इन चुनावों में उत्तर प्रदेश और बिहार से गए लोगों के वोट बहुत मायने रखते हैं। इसके चलते सभी दल इन्हें अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश करते हैं।

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