नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण युद्ध का आगाज हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार यानी 16 जनवरी को दुनिया के सबसे बड़े कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत की। पहले दिन करीब 2 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोरोना वैक्सीन दी गई। देश में अब तक कोरोना के 1 करोड़ मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद सरकार ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन को मंजूरी दी थी। आईए जानते हैं टीकाकरण की 10 बड़ी बातें

1- देश में पहले दिन 3352 केंद्रों पर 1,91,181 स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई। 
2- वैक्सीन को लेकर लोगों में विश्वास दिखे, इसके लिए एम्स दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया, नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल, भाजपा सांसद महेश शर्मा और पश्चिम बंगाल के मंत्री निर्मल माजी पहले दिन वैक्सीन लगवाने वालों में शामिल हुए
3- वैक्सीन के बाद कुछ साइड इफेक्ट के मामले भी सामने आए। वैक्सीन लगने के बाद दिल्ली स्थित एम्स में एक गार्ड को एलर्जी होने और पश्चिम बंगाल में एक नर्स को बेहोश होने का मामला सामने आया। इसके बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब दोनों की स्थिति सामान्य है। 
4- स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कि वैक्सीनेशन के लिए 3,351 सेंटर बनाए गए थे। इनपर 16,755 लोगों की ड्यूटी लगाई गई। 
5- सबसे ज्यादा टीके उप्र में लगाए गए। यहां 21,291 लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दी गई। इसके बाद महाराष्ट्र में 18,328, आंध्र प्रदेश में 18,412 और बिहार में 18,169 लोगों को वैक्सीन दी गई।  
6 - पहले दिन स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों के अलावा रक्षा संस्थानों के 3,429 लोगों को भी वैक्सीन की पहली डोज दी गई। इसमें भारतीय सेना और नौसेना के जवान भी शामिल थे। 
7 - दिल्ली में टीकाकरण के बाद 50 मामूली और एक गंभीर प्रतिकूल घटना (AEFI) सामने आई। 
8- महाराष्ट्र में रविवार और सोमवार को टीकाकरण स्थगित कर दिया गया है। इसके पीछे को-विन ऐप में तकनीकी खराबी को वजह बताया गया है। 
9- केंद्र सरकार ने पहले दिन 3 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, यह पूरा नहीं हो सका। करीब 2 लाख लोगों को टीका लगाया गया।
10 - देश में सबसे कम वैक्सीन लक्षदीप में लगीं। यहां 21 लोगों को टीके की पहली डोज दी गई।