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भारत और चीन के बीच हुई 10वें दौर की वार्ता, 16 घंटे की माथापच्ची के बाद भी तनाव वाली जगहों पर नहीं बनी बात

भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की 10वें दौर की बातचीत शनिवार को हुई। यह बातचीत चीन की सीमा में मोल्डो में हुई। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर यह जानकारी दी। दरअसल, 9वें दौर की बातचीत में दोनों सेनाओं ने पैंगोंग से पीछे हटने का फैसला किया था। 

10th round of India-China Corps Commander Level meeting was held on yesterday at Moldo KPP
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New Delhi, First Published Feb 21, 2021, 7:56 PM IST
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नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की 10वें दौर की बातचीत शनिवार को हुई। यह बातचीत चीन की सीमा में मोल्डो में हुई। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर यह जानकारी दी। दरअसल, 9वें दौर की बातचीत में दोनों सेनाओं ने पैंगोंग से पीछे हटने का फैसला किया था। 

भारत और चीन के बीच हुए समझौते के मुताबिक, पैंगोंग में चीन की सेना फिंगर 8 के पूर्व में अपनी पहले की स्थिति में लौट गई है। जबकि भारत की सेना फिंगर 3 के पास अपनी स्थाई पोस्ट धन सिंह पर लौट आई है। इस प्रोसेस के पूरे होने के 48 घंटे के भीतर दोनों देशों के बीच 10वें दौर की बातचीत होनी थी। इसमें गोगरा, हॉट स्प्रिंग, गलवान और देपसांग में विवादित क्षेत्रों पर बात की जाएगी।

हालांकि, बताया जा रहा है कि 10वें दौर की बातचीत 16 घंटे चली। लेकिन विवादित जगहों से सेना वापसी पर बात नहीं बन पाई। 

डिसइंगेजमेंट एक अहम कदम- रक्षा मंत्रालय
रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि दोनों पक्षों ने पैंगोंग लेक क्षेत्र से डिसइंगेजमेंट पूरा होने को सकारात्मक तौर पर लिया है। यह एक अहम कदम है। इससे पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी के साथ अन्य मुद्दों के समाधान के लिए एक अच्छा आधार मिलेगा।

रक्षा मंत्रालय ने आगे कहा, दोनों पक्ष अपने नेताओं की सर्वसम्मति का पालन करने, संचार और संवाद जारी रखने, जमीन की स्थिति को स्थिर और नियंत्रित करने और अन्य मुद्दों को हल करने के लिए सहमत हुए हैं। 
 

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