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निर्भया के दोषी ने चुना आखिरी रास्ता, अगर यह फेल हुआ तो मौत से कोई नहीं बचा सकता

निर्भया के दोषी मुकेश ने तिहाड़ जेल को अपनी दया याचिका सौंप दी है। अब यह याचिका राष्ट्रपति के पास भेजी जाएगी। आज ही के दिन मुकेश की क्यूरेटिव पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया है। मुकेश के अलावा दोषी विनय कुमार की भी क्यूरेटिव पिटीशन खारिज हुई है। 

2012 Delhi gang rape case Tihar Jail official says Convict Mukesh Singh has moved mercy petition today kpn
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New Delhi, First Published Jan 14, 2020, 6:57 PM IST
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नई दिल्ली. निर्भया के दोषी मुकेश ने तिहाड़ जेल को अपनी दया याचिका सौंप दी है। अब यह याचिका राष्ट्रपति के पास भेजी जाएगी। आज ही के दिन मुकेश की क्यूरेटिव पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया है। मुकेश के अलावा दोषी विनय कुमार की भी क्यूरेटिव पिटीशन खारिज हुई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, यह मेरे लिए बड़ा दिन है। मैंने 7 साल तक बहुत संघर्ष किया है। मेरे लिए 22 जनवरी सबसे बड़ा दिन होगा, जिस दिन निर्भया के चारों दोषियों के फांसी पर लटकाया जाएगा। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे फांसी देने की तारीख तय किया है।

मौत से बचने का आखिरी रास्ता
दो दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के बाद आखिरी रास्ता दया याचिका का बचता है, जिसे राष्ट्रपति तय करेंगे। फिलहाल अभी तक सिर्फ एक दोषी मुकेश ने दया याचिका भेजी है, बाकी तीनों ने नहीं। पटियाला हाउस कोर्ट के डेथ वॉरन्ट जारी करने के बाद चारों दोषियों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। 

बलात्कारियों ने निर्भया के प्राइवेट पार्ट में डाल दी थी रॉड
दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल की छात्रा अपने दोस्त को साथ एक प्राइवेट बस में चढ़ी। उस वक्त पहले से ही ड्राइवर सहित 6 लोग बस में सवार थे। किसी बात पर छात्रा के दोस्त और बस के स्टाफ से विवाद हुआ, जिसके बाद चलती बस में छात्रा से गैंगरेप किया गया। लोहे की रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। छात्रा के दोस्त को भी बेरहमी से पीटा गया। 

13 दिन बाद निर्भया ने तोड़ दिया था दम
बलात्कारियों ने दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया। पीड़िता का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया। घटना के 13वें दिन 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।

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