जम्मू कश्मीर में इस साल पत्थरबाजी, आतंकवाद की घटनाओं में कमी आई है। इसके अलावा इस साल पिछले साल की तुलना में ज्यादा आतंकियों का सफाया हुआ है। यह जानकारी गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्यसभा में दी। उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर के लोग आज अनुच्छेद 370 को लागू करने की नहीं, बल्कि विकास और रोजगार की मांग कर रहे हैं। यह बात पाकिस्तान को पसंद नहीं आ रही। 

नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर में इस साल पत्थरबाजी, आतंकवाद की घटनाओं में कमी आई है। इसके अलावा इस साल पिछले साल की तुलना में ज्यादा आतंकियों का सफाया हुआ है। यह जानकारी गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्यसभा में दी। उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर के लोग आज अनुच्छेद 370 को लागू करने की नहीं, बल्कि विकास और रोजगार की मांग कर रहे हैं। यह बात पाकिस्तान को पसंद नहीं आ रही। 

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गृह राज्य मंत्री ने राज्यसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पर चर्चा के जवाब में बताया कि 2020 में 2019 की तुलना में घुसपैठ, आतंकवाद और पथराव की घटना में कमी आई है। जबकि इस दौरान पिछले साल की तुलना में ज्यादा आतंकी मारे गए हैं। 

2020 में मारे 221 आतंकी
उन्होंने बताया कि 2020 में 221 आतंकी मारे गए हैं। जबकि 2019 में 157 आतंकी मारे गए थे। वहीं, 2019 में 594 आतंकी घटनाएं हुई थीं। 2020 में यह घटकर 244 रह गईं। 

पत्थरबाजी की घटनाओं में 83.73% कमी आई
जी किशन रेड्डी ने बताया, 2020 में सिर्फ 327 पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं। 2019 में 2,009 ऐसे घटनाएं सामने आई थीं। यानी 2019 की तुलना में इस साल पत्थरबाजी की घटनाओं में 83.73% की कमी आई है। 

99 बार घुसपैठ की कोशिश हुई
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की ओर से आतंकियों ने 2020 में 99 बार घुसपैठ की कोशिश की। जबकि 2019 में 216 बार ऐसी कोशिश की गई थी। वहीं, पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में 2020 में 71 लोग जख्मी हुए। 2019 में यह आंकड़ा 127 था।