नई दिल्ली. चीनी हैकर्स ने मुंबई ही नहीं तेलंगाना में भी साइबर हमले से ब्लैकआउट की साजिश रची थी। यह दावा तेलंगाना बिजली विभाग के अधिकारियों ने किया है। अधिकारियों का कहना है कि 12 अक्टूबर को मुंबई के साथ ही तेलंगाना के 40 सब स्टेशन को टारगेट किया गया था। हालांकि, यह कोशिश कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम से अलर्ट मिलने के बाद इसे असफल कर दिया गया।

दरअसल, न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन के RedEcho हैकर्स ग्रुप ने 12 अक्टूबर 2020 को मुंबई में साइबर अटैक किया था। इसके बाद बिजली सप्लाई ठप हो गई थी। इस समस्या को पूरी तरह से खत्म करने में 10-12 घंटे लगे थे।

महाराष्ट्र पावर कंपनी ने चीनी उपकरणों का किया बहिष्कार
मुंबई में हुए ब्लैकआउट पर महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने कहा,  SCADA यूनिट में फायरवॉल तोड़कर 8 ट्रोजन होर्स मॉलवेयर की एंट्री चीन और ब्रिटेन समेत अन्य देशों से हुई थी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पावर कंपनी आज से किसी भी तरह के चीन में बने उपकरण का इस्तेमाल नहीं करेगी।
 
चीनी हैकर्स ने सिस्टम को हैक करने की कोशिश की थी
तेलंगाना के अधिकारियों ने बताया कि चीनी हैकर्स ने स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर टीएस ट्रांस्को और टीएस गेनको पावर सिस्‍टम को हैक करने की कोशिश की। लेकिन इसका अलर्ट मिलते ही सेंटर्स ने फौरन कार्रवाई करते हुए IP सर्वर को ब्लॉक कर दिया। इसके अलावा रिमोट ऑपरेशन के लिए कंट्रोल फंक्शन को भी बंद कर दिया।
 
गलवान के बाद चीनी हैकर्स ने किया था अटैक
इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया था, जब भारत चीन के बीच विवाद चरम पर था और दोनों देशों के सैनिक आमने सामने थे, उस वक्त भारत में बिजली की सप्लाई की देखरेख करने वाले सिस्टम में मॉलवेयर इंजेक्ट किया गया था। दरअसल चीन भारत को चुप कराना चाहता था। वहीं, महाराष्ट्र साइबर सेल की शुरुआती जांच में भी यह बात सामने आई थी कि यह मॉलवेयर अटैक सप्लाई सिस्टम ठप होने की वजह हो सकता है। 

RedEcho पर रखी जाएगी नजर साइबर
सिक्योरिटी कंपनी के मुताबिक, अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि मुंबई में पावर कट के लिए कौन जिम्मेदार था। हालांकि, RedEcho पर लगातार नजर रखी जाएगी। वहीं, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि गलवान हिंसा के बाद रोजाना 10,000 साइबर हमले के प्रयास किए गए। हालांकि, अब यह प्रयास कम हुए हैं। हालांकि, कंपनी ने कहा कि हमें सतर्क रहने की जरूरत है।