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भारत के साफ-सुथरा शहरों में इंदौर की बादशाहत बरकरार, नवी मुंबई ने बनाई जगह, वाराणसी-कन्नौज ने रखा यूपी का मान

शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के कार्यक्रम में स्वच्छता सर्वे में स्थान बनाने वाले राज्यों व शहरों को पुरस्कृत किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी आदि शामिल रहे। स्वच्छ सर्वेक्षण का 7वां edition स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की प्रगति का अध्ययन करने और विभिन्न मानकों के आधार पर रैंक करने के लिए आयोजित किया गया था।
 

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First Published Oct 1, 2022, 6:39 PM IST

India's Cleanest city: देश के सबसे साफ शहरों में इंदौर की बादशाहत बरकरार है। मिनी मुंबई कहे जाने वाला इंदौर लगातार छठवीं बार भारत का सबसे साफ-सुथरा शहर घोषित किया गया है। सूरत देश का दूसरा सबसे साफ शहर है। महाराष्ट्र के लोगों को भी खुश होने का मौका इस सर्वे में मिला है। नवी मुंबई को भारत सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में तीसरा स्थान मिला है। स्वच्छता सर्वेक्षण अवार्ड से भी टॉप थ्री स्टेट्स का ऐलान किया गया है। 

कौन है स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 से नवाजे गए राज्य?

केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण कराने के बाद सर्वे रिपोर्ट जारी किया है। इस रिपोर्ट के साथ ही हर साल की तरह 'स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022' की भी शुरूआत की है। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के अनुसार मध्य प्रदेश को 'स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022' का पहला पुरस्कार मिला है। जबकि छत्तीसगढ़ को दूसरा स्थान और महाराष्ट्र को तीसरा स्थान मिला है। जबकि शहरी स्वच्छता में एकतरफ इंदौर और सूरत ने अपना स्थान बरकरार रखा है लेकिन विजयवाड़ा ने अपना स्थान गंवा दिया है। विजयवाड़ा की जगह नवी मुंबई ने ले ली है।

शनिवार को पुरस्कृत हुए शहर व राज्य

शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के कार्यक्रम में स्वच्छता सर्वे में स्थान बनाने वाले राज्यों व शहरों को पुरस्कृत किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी आदि शामिल रहे।

त्रिपुरा इस मामले में टॉप स्वच्छ राज्य

सर्वेक्षण रिजल्ट्स के अनुसार त्रिपुरा को 100 से कम शहरी स्थानीय निकायों वाले राज्यों में पहला स्थान मिला है। एक लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में महाराष्ट्र का पंचगनी पहले स्थान पर रहा, छत्तीसगढ़ का पाटन (एनपी) दूसरे स्थान और महाराष्ट्र का करहड़ तीसरे स्थान पर रहा। 

वाराणसी को इस मामले में मिला पुरस्कार

1 लाख से अधिक आबादी की श्रेणी में हरिद्वार को सबसे स्वच्छ गंगा शहर घोषित किया गया। स्वच्छ गंगा शहर की श्रेणी में वाराणसी को दूसरा और ऋषिकेश को तीसरा स्थान मिला है। बिजनौर को एक लाख से कम आबादी वाले गंगा शहरों में पहला स्थान मिला। जबकि कन्नौज व गढ़मुक्तेश्वर को दूसरा व तीसरा स्थान क्रमश: मिला है। महाराष्ट्र के देवलाली को देश का सबसे स्वच्छ छावनी बोर्ड चुना गया।
 

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