Asianet News HindiAsianet News Hindi

जज साहब का फैसला सुन रो पड़ी निर्भया की मां, कहा- दोषियों के वकील ने मुझे चैलेंज किया

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों के फांसी की तारीख को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगला डेथ वॉरंट जारी होने तक चारों दोषियों को फांसी नहीं दी जाएगी।

Asha Devi mother of the 2012 Delhi gang-rape victim kpn
Author
New Delhi, First Published Jan 31, 2020, 5:58 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों के फांसी की तारीख को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगला डेथ वॉरंट जारी होने तक चारों दोषियों को फांसी नहीं दी जाएगी। कोर्ट के इस फैसले के बाद निर्भया की मां ने कहा,दोषियों के वकील एपी सिंह ने मुझे चुनौती देते हुए कहा कि दोषियों को कभी भी फांसी नहीं दी जाएगी। मैं अपनी लड़ाई जारी रखूंगी। सरकार को दोषियों को फांसी देनी होगी।

सरकार बार-बार उन्हें मुजरिमों के सामने झुका रही है
निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, 7 साल पहले उनकी बेटी के साथ अपराध हुआ और सरकार बार-बार उन्हें दोषियों के सामने झुका रही है। उन्होंने पूछा, क्या आक्रोश शांत करने के लिए सजा दी गई थी। अगर ऐसा ही होना है तो आग लगा दो।

"जो दोषी चाहते थे वही हो रहा है"
निर्भया की मां ने कहा, मैं सरकार से यही कहना चाहती हूं कि आज इस कानून व्यवस्था की कमी की वजह से एक दोषी का वकील मुझे चैलेंज करके गया है कि कभी भी दोषियों को फांसी नहीं होगी। जो मुजरिम चाहते थे, वह हो गया, फांसी टल गई।

"फांसी की सजा सिर्फ गुमराह करने के लिए दिया"
उन्होंने कहा, मैं लड़ूगी, सरकार को उनको फांसी देनी होगी नहीं तो पूरे समाज को सुप्रीम कोर्ट से लेकर लोवर कोर्ट तक को सरेंडर करना होगा कि फांसी की सजा को सिर्फ गुमराह करने के लिए दिया गया था, शांत करने के लिए दिया था।

2 बार टाली गई फांसी की तारीख
निर्भया के चारों दोषियों की फांसी की तारीख को 2 बार टाला गया। पटियाला हाउस कोर्ट ने पहले फांसी की तारीख 22 जनवरी को तय किया था, लेकिन उसे टालकर एक फरवरी को तय किया गया। लेकिन इस बार भी दोषियों की याचिका के बाद फांसी की तारीख को अनिश्चित काल के लिए टाल दी गई।

कोर्ट में दोषी के वकील ने क्या कहा?
कि दोषी पवन गुप्ता, विनय कुमार शर्मा और अक्षय कुमार के वकील ए पी सिंह ने अदालत से फांसी पर अनिश्चितकालीन स्थगित करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि दोषियों में कुछ के द्वारा कानूनी उपायों का इस्तेमाल किया जाना बाकी है।

जेल प्रशासन ने कहा था, 3 को दी जा सकती है फांसी
जेल प्रशासन की तरफ से इरफान अहमद पेश हुए। उन्होंने कहा कि बस विनय शर्मा की दया याचिका पेंडिंग है। बाकी तीनों को फांसी हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसमें कुछ गैर कानूनी नहीं है।

क्यों नहीं दी जा रही है फांसी
चार दोषियों में से सिर्फ मुकेश की दया याचिका खारिज हुई है। दोषी विनय ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजी है। अभी तक पवन और अक्षय के पास दया याचिका का विकल्प बचा है। दिल्‍ली प्रिजन रूल्‍स के मुताबिक, चारों दोषियों में से किसी एक को भी तब तक फांसी नहीं दी जा सकती, जब तक उनपर कोई ना कोई कानूनी विकल्प बचा है।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios