दिल्ली के चितरंजन पार्क इलाके में महिला जर्नलिस्ट से लूट के मामले में सहायक उप निरीक्षक और दो कांस्टेबलों को उनके ढीले रवैये को देखते हुए मंगलवार को निलंबित कर दिया गया।

नयी दिल्ली(New Delhi). दिल्ली के चितरंजन पार्क इलाके में महिला जर्नलिस्ट से लूट के मामले में सहायक उप निरीक्षक और दो कांस्टेबलों को उनके ढीले रवैये को देखते हुए मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी है।
पुलिस ने कहा कि उसने इस घटना के संबंध में पूछताछ के लिये आठ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। आरोपियों का पता लगाने के लिये पुलिस की 25 से ज्यादा टीमें गठित की गई थीं। उन्होंने कहा कि घटना के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला गया।
यह थी घटना
घटना रविवार शाम को हुई जब महिला जर्नलिस्ट एक ऑटो रिक्शा में घर वापस लौट रही थी। महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि वह खरीदारी करके ऑटो-रिक्शा से घर लौट रही थी। तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। बदमाशों से संघर्ष के दौरान वह ऑटो रिक्शा से नीचे गिर गई और बदमाश वहां से फरार हो गए।
दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस से मांगी जानकारी
दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने पुलिस को नोटिस जारी कर महिला जर्नलिस्ट से लूटपाट के प्रयास की घटना की जांच के बारे में जानकारी मांगी है। आयोग ने शिकायत की प्रति, आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए उठाए गए कदम का ब्योरा और घटना से जुड़ा सीसीटीवी का फुटेज पुलिस से मांगा है। पुलिस को नोटिस का जवाब देने के लिए 28 सितंबर तक का वक्त दिया गया है।
आयोग ने नोटिस में कहा है, "यह एक बहुत गंभीर मामला है। लूटपाट और मारपीट की घटनाएं, खासकर महिलाओं और लड़कियों के साथ दिल्ली में तेजी से बढ़ रही हैं।"
वहीं, भारतीय महिला प्रेस कोर (आईडबल्यूपीसी) ने भी मंगलवार को पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक को पत्र लिखकर कहा है कि पुलिस को दोषियों को तुरंत पकड़कर ऐसे अपराधों को कतई बर्दाश्त नहीं करने का संदेश देना चाहिये।
[यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है]

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