देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब इस तरह का कोई ऐक्शन लिया गया। असम के पर्यावरण और वन मंत्री परिमल सुखाबैद्य ने कहा कि पटरियों पर हाथियों का मरना बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग रेलवे के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगा।

नेशनल डेस्क. असम वन विभाग (Assam Forest Department) ने मंगलवार को एक मालगाड़ी का इंजन सीज कर दिया। यह उसी मालगाड़ी का इंजन है जिससे 27 सितंबर को लुमडिंग रिजर्व फॉरेस्ट के अंदर एक मादा हाथी और उसका बच्चा मर गया था। इस घटना को हत्या करार देते हुए वन विभाग ने मालगाड़ी के इंजन को हत्या के लिए प्रयोग किया गया हथियार माना है। 

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देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब इस तरह का कोई ऐक्शन लिया गया। असम के पर्यावरण और वन मंत्री परिमल सुखाबैद्य ने कहा कि पटरियों पर हाथियों का मरना बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग रेलवे के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगा। 

45 दिन की कस्टडी में इंजन

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, हत्यारे इंजन को जब्त करने के बाद उसे रिलीज कर दिया जाएगा। प्रभागीय वनाधिकारी राजीव दास ने कहा, 'इंजन को जब्त कर लिया गया है और 45 दिनों के लिए रेलवे की कस्टडी में दिया गया है। जांच के उद्देश्य के लिए जब भी हमें जरूरत होगी, हम इंजन को वापस ले लेंगे। अगर रेलवे की हिरासत में रहते हुए इंजन के साथ कोई घटना होती है, तो इसकी पूरी तरह से जिम्मेदारी रेलवे की होगी।' 

दास को वन विभाग ने जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, उन्होंने कहा, ' हाथियों की मौत में ट्रेन का इंजन हत्या के हथियार की तरह है। हमें एक अपराध में प्रयुक्त हथियार को जब्त करना जरूरी होता है।' उन्होंने बताया, " किसी भी अपराध की स्थिति में, जिस तरह एक पिस्तौल / चाकू / हथियार बरामद किया जाता है उसी तरह, हमने ट्रेन के इंजन को जब्त कर लिया है। हम इसे अपने पास नहीं रख सकते हैं, इसलिए इसे अब रेलवे को वापस दे दिया गया है। हालांकि, जब भी हमें इसकी आवश्यकता होगी इसे वापस जब्त किया जाएगा।"

असम के मुख्य वन्यजीव वार्डन महेंद्र कुमार यादव (MK yadav) ने कहा- “यह अब एक कानूनी प्रक्रिया है, इसलिए मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। केवल एक बात कहना चाहूंगा कि रेलवे को अपने तरीकों में बदलाव करना होगा। रेलवे अधिकारियों को लिखित निर्देश दिए गए हैं कि लुमडिंग रिजर्व के अंदर के क्षेत्रों में ट्रेनों की गति को प्रतिबंधित किया जाए क्योंकि यहां पर जंगली हाथियों की आवाजाही रहती है।

ट्रेन का ड्राइवर और को-ड्राइवर सस्पेंड

वन विभाग ने वन्यजीवों (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत रेलवे अधिकारियों के खिलाफ मामले में सख्ती दिखाई है। रेलवे ने इस मामले में आंतरिक जांच कराई थी। लोको पायलट और उसके सहायक को निलंबित कर दिया था। मंगलवार को इंजन जब्त कर लिया गया।