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प्रधानमंत्रीजी...बसवराज सरकार में स्कूलों को मान्यता देने के लिए लिया जा रहा घूस, राज्य में नहीं हो रही सुनवाई

कर्नाटक में बीजेपी की बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली सरकार का भ्रष्टाचार से पीछा ही नहीं छूट रहा है। अब स्कूल असोसिएशन ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर शिक्षा विभाग में खुलेआम घूसखोरी की शिकायत की है। करीब 13 हजार स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो संगठनों ने पीएम मोदी को बताया है कि मान्यता बिना घूस के नहीं दिया जा रहा है।

Association of 13000 schools in Karnataka letter to PM Modi on Education department bribery for issuing School recognistion certificates, DVG
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First Published Aug 27, 2022, 11:59 PM IST

बेंगलुरु। कर्नाटक (Karnataka) की बसवराज बोम्मई सरकार (Basavraj Bommai led government)) पर भ्रष्टाचार के आरोप कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। मठों-मंदिरों के अनुदान में कमीशन सहित कई मामलों में भ्रष्टाचार से घिरी बोम्मई सरकार के खिलाफ 13 हजार से अधिक स्कूलों के प्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो संघों ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इन संस्थानों ने आरोप लगाया है कि मान्यता देने के नाम पर रिश्वत ली जा रही है। 

क्या है पूरा मामला?

कर्नाटक में करीब 13 हजार स्कूलों का नेतृत्व करने वाले दो बड़े संगठन हैं। द असोसिएटेड मैनेजमेंट्स ऑफ प्राइमरी एंड सेकेंड्री स्कूल्स और द रजिस्टर्ड अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स मैनेजमेंट असोसिएशन। दोनों संगठनों ने पीएम मोदी को स्कूल मान्यता प्रमाण पत्र के नाम पर लिए जा रहे घूस के बारे में लिखा है। संगठनों का आरोप है कि राज्य शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता प्रमाण पत्र के नाम पर काफी अधिक घूस लिया जा रहा है। इनका कहना है कि विभाग, इन स्कूलों पर भेदभावपूर्ण, गैर जरुरी मानदंड थोप रहा है ताकि भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सके। न पूरा होने वाले मानदंड लागू करने के बाद सारे मानदंडों को इग्नोर कर मान्यता देने के लिए धन की वसूली की जा रही है। जो स्कूल देने से इनकार कर रहे हैं उनकी फाइल्स लटका दी जा रही है या रिजेक्ट कर दी जा रही है। 

शिकायत नहीं सुन रहे शिक्षा मंत्री, दें इस्तीफा

स्कूली संगठनों ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी को पत्र लिखने के पहले ही वह लोग तमाम बार राज्य के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश से मिलकर शिकायत कर चुके हैं। संगठन की ओर से प्वाइंट्स में सारी परेशानियों से अवगत कराया जा चुका है लेकिन शिक्षा मंत्री ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कोई कोशिश नहीं की है। ऐसा लग रहा है कि विभाग को उनकी मूक सहमति है। वह उन लोगों के आरोपों पर कभी ध्यान ही नहीं दिए। संगठन ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफा की मांग की है। 

शिक्षा का बाजारीकरण करने में दो मंत्री दोषी

स्कूल असोसिएशन ने आरोप लगाया है कि राज्य में शिक्षा की पूरी प्रणाली को दयनीय स्थिति में लाने के लिए बीजेपी के दो मंत्री दोषी हैं। इन लोगों ने बजट राज्य के स्कूलों को बहुत नुकसान पहुंचाया है। यह लोग शिक्षा का बाजारीकरण करने के लिए बड़े-बड़े इन्वेस्टर्स को लाकर शिक्षा का कमर्शियलाइजेशन कर रहे हैं और अभिभावकों को अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए मोटी फीस भुगतान करने को मजबूर कर रहे। 

अभी तक सरकार द्वारा अप्रूव्ड किताबें नहीं पहुंची

संगठन ने कहा कि सरकार द्वारा अप्रूव्ड किताबें अभी तक स्कूलों में नहीं पहुंच सकी हैं जबकि शिक्षा सत्र काफी पहले ही शुरू हो चुका था। इन लोगों ने पीएम को लिखे पत्र में कहा है कि शिक्षा मंत्री, मान्यता व अन्य मानदंडों को उदार बनाने की बजाय उसे भेदभावपूर्ण तरीके से कठोर कर रहे हैं। इससे सार्वजनिक व निजी स्कूलों के बीच काफी खाई पैदा हो रही है जिस वजह से अभिभावकों व छात्रों को काफी परेशानी हो रही। स्कूल संघों ने पीएम मोदी से आग्रह किया है कि कर्नाटक के शिक्षा विभाग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए जांच कराई जाए।

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