जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में रविवार रात अज्ञात नकाबपोशों ने छात्रों पर हमला कर दिया। इस हमले में एबीवीपी और वामपंथी छात्र संघ दोनों गुटों के करीब 21 छात्र जख्मी हुए हैं।

नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में रविवार रात अज्ञात नकाबपोशों ने छात्रों पर हमला कर दिया। इस हमले में एबीवीपी और वामपंथी छात्र संघ दोनों गुटों के करीब 21 छात्र जख्मी हुए हैं। हालांकि, इस वामपंथी संगठन और विपक्ष ने इस हमले के पीछे भाजपा के छात्र संघ संगठन एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, एबीवीपी, लेफ्ट संगठनों पर हमला करने का आरोप लगा रहे हैं।

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जेएनयू में दो गुटों में हुई हिंसक झड़प में अब राजनीति शुरू हो गई है। विपक्ष और भाजपा इस मामले में आमने सामने आ गईं हैं और आरोप प्रत्यारोप की राजनीति भी शुरू हो गई है।

भाजपा आईटीसेल के प्रमुख ने ट्वीट किया चश्मदीद का वीडियो
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा, आप सबूतों को नहीं नकार सकते हैं। इस वीडियो में एक छात्र दिख रहा है, जो खुद को चश्मदीद बता रहा है। छात्र का नाम शिवम चौरसिया है। वह एबीवीपी का है। शिवम ने बताया, जेएनयू में लेफ्ट संगठन रजिस्ट्रेशन बायकॉट कराने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जब प्रशासन दबाव में नहीं आया। तो लेफ्ट संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कैंपस में वाई फाई कनेक्शन काट दिया। जब हमने मना किया तो एबीवीपी और लेफ्ट संगठनों के बीच हाथापाई भी हुई। लेकिन इसके बाद आज 4 बजे लेफ्ट संगठनों के कार्यकर्ताओं की भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। लड़कियों को निशाना बनाया गया। मुझे भी खींच लिया, मेरे ऊपर हमला कर दिया। मुझे भी चोटें आई हैं। मैं किसी तरह से जान बचाकर भागा। 

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