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'रामदेव ने मंत्रालय से पूछे बिना दवा लॉन्च की',आयुष मंत्री ने बताया, क्या है उनकी सबसे बड़ी आपत्ति

कोरोना वायरस की दवा को लेकर बाबा रामदेव की मुसीबत बढ़ गई है। केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने मीडिया से बातचीत में कहा, मंत्रालय से अनुमति के बिना अपनी दवाई की घोषणा नहीं करना चाहिए था। पूरे मामले को टॉस्क फोर्स को भेजा है। उन्होंने कहा कि पतंजलि ने कोई भी अनुमति नहीं ली। बाबा रामदेव से जो जवाब मांगे गए थे, उन्होंने उसका जवाब भेजा है। 

Ayush Minister Shripad Naik said that Ramdev did not take permission before Corona drug launch kpn
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New Delhi, First Published Jun 24, 2020, 12:44 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस की दवा को लेकर बाबा रामदेव की मुसीबत बढ़ गई है। केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने मीडिया से बातचीत में कहा, मंत्रालय से अनुमति के बिना अपनी दवाई की घोषणा नहीं करना चाहिए था। पूरे मामले को टॉस्क फोर्स को भेजा है। उन्होंने कहा कि पतंजलि ने कोई भी अनुमति नहीं ली। बाबा रामदेव से जो जवाब मांगे गए थे, उन्होंने उसका जवाब भेजा है। 

"जांच के बाद ही दी जाएगी अनुमति"
आयुष मंत्री श्रीपद नाईक ने कहा, पतंजलि के जवाब और मामले की टास्क फोर्स समीक्षा करेगी कि उन्होंने क्या फार्मूला अपनाया है। इसके बाद ही अनुमति दी जाएगी। 

"इजाजत नहीं लेना ही हमारी सबसे बड़ी आपत्ति है" 
आयुष मंत्री ने कहा, इजाजत नहीं लेना ही हमारी आपत्ति है। अगर कोई दवा मार्केट में लाता है तो खुशी की बात है, लेकिन पहले इजाजत लेनी चाहिए थी। 

आयुष मंत्रालय भी बना रहा कोरोना की दवा
आयुष मंत्रालय भी कोरोना पर दवा बनाने पर काम कर रहा है। जुलाई महीने तक आयुष मंत्रालय भी कोरोना वायरस की दवा मार्केट में लेकर आ सकता है। 

रामदेव ने क्या दावा किया?
रामदेव ने दवा को लॉन्च करते हुए दावा किया कि दवा के दो ट्रॉयल किए गए हैं। पहला क्लिनिकल कंट्रोल स्टडी और दूसरा क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल। क्लिनिकल कंट्रोल स्टडी के तहत देश के अलग अलग शहरों के 280 रोगियों को शामिल किया गया, जिसमें 100 फीसदी मरीज ठीक हो गए। क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल में 3 दिन के अंदर 69 फीसदी रोगी ठीक हुए। 

रामदेव ने क्या-क्या मिलाकर कोरोना की दवा बनाई?
कोरोनिल में गिलोय, तुलसी और अश्वगंधा हैं जो इम्युनिटी बढ़ाते हैं। गिलोय में पाने जाने वाले टिनोस्पोराइड और अश्वगंधा में पाए जाने वाले एंटी बैक्टीरियल तत्व और श्वासरि के रस के प्रयोग से इस दवा का निर्माण हुआ है। यह दवा क्रोनिक बीमारियों से भी बचाव करती है। पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (निम्स) यूनिवर्सिटी, जयपुर ने मिलकर दवा को तैयार किया है। दवा कोरोनिल की कीमत 400 रुपए है। इसके अलावा श्वासारि रस बट्टी की कीमत 120 और अणनासिक तेल की कीमत 25 रुपए है। एक महीने की दवा 545 रुपए में उपलब्ध होगी।

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