केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के करीब 33 नेताओं के विदेश जाने पर रोक लगाई गई है। इसी को लेकर नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व विधायक अलताफ अहमद वानी को शुक्रवार शाम को दिल्ली हवाई अड्डे पर दुबई की उड़ान में बैठने से रोक दिया गया। दरअसल एयरपोर्ट अधिकारियों ने अलताफ को बताया, कि उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति नहीं है।

श्रीनगर. केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के करीब 33 नेताओं के विदेश जाने पर रोक लगाई गई है। इसी को लेकर नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व विधायक अलताफ अहमद वानी को शुक्रवार शाम को दिल्ली हवाई अड्डे पर दुबई की उड़ान में बैठने से रोक दिया गया। दरअसल एयरपोर्ट अधिकारियों ने अलताफ को बताया, कि उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति नहीं है। बता दें कि कईं पार्टियों के नेताओं वाली इस सूची में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का नाम शामिल नहीं है।

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दुबई में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे पहलगाम से विधायक रह चुके वानी ने फोन पर एक समाचार पत्र को बताया कि, मुझे रोकने के लिए अधिकारियों को शुक्रिया। मेरे पास अब कोई सामान नहीं है, क्योंकि मेरा बैग परिवार के अन्य सदस्यों के साथ चला गया। मैं दिल्ली में हूं। वानी ने बताया, मैं दोपहर में हवाई अड्डे पहुंच गया था। इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचते ही मुझे अलग कमरे में ले जाया गया। ऐसा लगा कि पासपोर्ट में गड़बड़ी है, लेकिन वहां मुझे करीब तीन घंटे बैठाये रखा गया। इसके लिए कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया। जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें जाने दिया गया। वा

पिछले साल भी 37 लोगों पर लगी थी रोक

इससे पहले जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पिछले साल 5 अगस्त को करीब 37 लोगों की सूची जारी की थी जिन्हें विदेश जाने की अनुमति नहीं थी। तीन महीने के बाद इस सूची में कुछ संशोधन किया गया और 33 लोगों की विदेश यात्रा पर रोक को बरकरार रखा गया था।

पिछले वर्ष 5 अगस्त को किए गए थे नजरबंद

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जम्मू कश्मीर से 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद किए गए राजनीतिक दलों के नेताओं में अलताफ भी शामिल थे, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया था।