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क्या है अविश्वास प्रस्ताव, जिसके जरिए भाजपा ने राजस्थान में गहलोत सरकार के लिए खड़ी कर दी है मुश्किल

राजस्थान में भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रही है। 14 अगस्त को विधानसभा सत्र शुरु होने जा रहा है। लेकिन उससे पहले ही भाजपा ने विधायक दल की बैठक के बाद यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सत्र से पहले ही दिन यानी शुक्रवार को सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अविश्वास प्रस्ताव से अशोक गहलोत की सरकार को मुश्किल पैदा हो सकती है।  

BJP will bring no-confidence motion against Ashok Gehlot government in Rajasthan kpn
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Jaipur, First Published Aug 13, 2020, 4:30 PM IST
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नई दिल्ली. राजस्थान में भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रही है। 14 अगस्त को विधानसभा सत्र शुरु होने जा रहा है। लेकिन उससे पहले ही भाजपा ने विधायक दल की बैठक के बाद यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सत्र से पहले ही दिन यानी शुक्रवार को सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अविश्वास प्रस्ताव से अशोक गहलोत की सरकार को मुश्किल पैदा हो सकती है। ऐसे में समझना जरूरी हो जाता है कि आखिर अविश्वास प्रस्ताव क्या होता है और इससे गहलोत सरकार को क्या खतरा हो सकता है?

क्या है अविश्वास प्रस्ताव, जिससे गिर सकती है सरकार?
किसी भी राज्य या केंद्र सरकार में अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष लाता है। यह स्थिति तब पैदा होती है जब विपक्ष को लगता है कि सरकार चलाने के लिए सत्ता पक्ष के पास पर्याप्त विधायक/ सांसद नहीं हैं। यानी पर्याप्त बहुमत नहीं हैं। 
- जब अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो सत्ता पक्ष को साबित करना होगा कि उसे सदन में पर्याप्त सदस्य संख्या है, जिससे वह सरकार बना सकती है।
- अविश्वास प्रस्ताव पर पहले चर्चा होती है। इसके बाद वोटिंग की जाती है। यहीं पर सत्ता पक्ष को डर होता है। अगर सदन में उसके समर्थन में वोट नहीं पड़ा तो सरकार गिर जाती है। 

तो अविश्वास प्रस्ताव से गहलोत सरकार को खतरा क्यों?
खतरा इसलिए है क्योंकि पूर्वी डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने पिछले एक महीने से अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत कर दी है। अशोक गहलोत ने भी सचिन पायलट को बहुत कुछ कहा। उन्हें निकम्मा तक कह डाला। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका की समझाईश के बाद सचिन पायलट मान गए। उनके बगावती सुर बदल गए। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अशोक गहलोत के साथ धोखा न हो जाए और कांग्रेस के विधायक ही उनके खिलाफ वोटिंग कर दें। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसी तरफ संकेत किया
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी कांग्रेस के इस फूट की तरफ संकेत दिया। उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार अपने विरोधाभास से गिरेगी। पिछले एक महीने से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भाजपा पर यह झूठा आरोप लगा रहे हैं। लेकिन कांग्रेस दो फाड़ हो चुकी है और इनके आपस की अदावत से ही सरकार गिरेगी।

शुक्रवार को 15वीं राजस्थान विधानसभा का पांचवा सत्र शुरू 
15वीं राजस्थान विधानसभा का पांचवां सत्र शुक्रवार सुबह 11 बजे शुरू होने जा रहा है। इससे पहले अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।

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