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जम्मू-कश्मीर: 370 खत्म होने के बाद पहला चुनाव, भाजपा ने पहली बार कश्मीर में दर्ज की जीत, बनाया रिकॉर्ड

भाजपा ने पहली बार कश्मीर में खाता खोला है। पार्टी ने कश्मीर से 3 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा श्रीनगर, पुलवामा और बांदीपोरा में तीन सीटें जीती हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर के इतिहास में पहली बार हुआ, जब 6 प्रमुख पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा।  

BJP wins in Kashmir for the first time in DDC election in Jammu and Kashmir kpn
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New Delhi, First Published Dec 23, 2020, 1:10 PM IST
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श्रीनगर. जम्मू और कश्मीर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों के अंतिम परिणाम में भाजपा बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। 280 सीटों में स्थानीय पार्टियों के गुपकार गठबंधन को 112 सीटें मिली हैं, जबकि भाजपा को 74 सीट मिली। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी को 12 सीटों पर जीत मिली। कांग्रेस 26 सीटें जीतकर तीसरे नंबर पर है। निर्दलीय 49 सीटें जीतने में कामयाब रहे हैं।

अकेले की बात करें तो भाजपा के बाद  नेशनल कांग्रेस 67 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद पीडीपी है जिसने 27 सीट जीती है। अन्य गुपकार गठबंधन दलों जैसे पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, सीपीआई-एम और जेकेपीएम ने क्रमश: आठ, पांच और तीन सीटें जीती हैं।

370 हटने के बाद ये पहला चुनाव था
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद ये इस केंद्र शासित प्रदेश का पहला चुनाव था। आठ चरणों में हुए जिला विकास परिषद की शुरुआत 28 नवंबर को हुई थी। इस दौरान कुल 280 सीटों पर चुनाव हुआ। 280 सीटों में से 140 सीट जम्मू संभाग में है और 140 सीट कश्मीर संभाग में है।

भाजपा ने पहली बार कश्मीर में खोला खाता
भाजपा ने पहली बार कश्मीर में खाता खोला है। पार्टी ने कश्मीर से 3 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा श्रीनगर, पुलवामा और बांदीपोरा में तीन सीटें जीती हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर के इतिहास में पहली बार हुआ, जब 6 प्रमुख पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा।  

जम्मू में भाजपा को बोलबाला, कश्मीर में गुपकार
चुनाव नतीजों को देखें तो जम्मू में भाजपा का बोलबाला है। यहां भाजपा ने 71 सीटों पर कब्जी जमाया है। वहीं गुपकार गठबंध को सिर्फ 35 सीटें ही मिली हैं। वहीं कांग्रेस को 17 सीट पर जीत मिली। इसके उलट कश्मीर में गुपकार गठबंधन हावी है। नेकां और पीडीपी को मिलाकर 72 सीटें मिली हैं। वहीं भाजपा ने पहली बार तीन सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को 10 सीटें ही मिलीं।

जम्मू-कश्मीर के लिए डीडीसी क्यों महत्वपूर्ण?
जम्मू-कश्मीर में निर्वाचित विधानसभा नहीं है। जम्मू और कश्मीर विधानसभा का चुनाव निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद होने की संभावना है। जम्मू और कश्मीर में निर्वाचित विधानसभा की अनुपस्थिति में डीडीसी एकमात्र निकाय है, जिसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व होता है। डीडीसी जम्मू और कश्मीर में नवनिर्मित निकाय हैं।  
 
माइनस 7 डिग्री तापमान पर भी हुआ मतदान
जिला विकास परिषद की 280 सीटों के लिए मैदान में उतरे 2178 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए 30,003,45 मतों की गिनती हुई। यह चुनाव आठ चरणों में 28 नवंबर से 19 दिसंबर तक चले। इस दौरान माइनस सात डिग्री तापमान में भी लोगों ने कतारों में लगकर मतदान किया। सुरक्षाबलों का योगदान भी सराहनीय रहा।

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