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बॉम्बे हाईकोर्ट से सोनू सूद को राहत नहीं, कोर्ट ने कहा- जो मेहनती है कानून उनकी ही मदद करता है

सोनू सूद के वकील अमोघ सिंह ने बीएमसी के आदेशों का पालन करने के लिए कम से कम 10 हफ्ते का समय मांगा। जज ने कहा, आप बहुत देर कर चुके हैं। आपके पास पर्याप्त समय था। कानून उन लोगों की मदद करता है जो मेहनती हैं।
 

Bombay High Court dismisses Sonu Sood petition kpn
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Mumbai, First Published Jan 21, 2021, 3:11 PM IST
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मुंबई. बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेता सोनू सूद को राहत देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने मुंबई के जुहू इलाके में अपने आवासीय भवन को लेकर बीएमसी के नोटिस के खिलाफ कोर्ट में अपील की थी। सोनू सूद की याचिका को खारिज करते हुए जज ने कहा कि गेंद अब बीएमसी के पाले में है।

"जो मेहनती है कानून उनकी मदद करता है"
सोनू सूद के वकील अमोघ सिंह ने बीएमसी के आदेशों का पालन करने के लिए कम से कम 10 हफ्ते का समय मांगा। जज ने कहा, आप बहुत देर कर चुके हैं। आपके पास पर्याप्त समय था। कानून उन लोगों की मदद करता है जो मेहनती हैं।

"बीएमसी के नोटिस में कुछ स्पष्ट नहीं है"
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) सोनू सूद की बिल्डिंग शक्ति सागर को ध्वस्त करने जा रही है। सुनवाई के दौरान सोनू सूद के वकील अमोघ सिंह ने तर्क दिया था कि बीएमसी द्वारा भेजे गए नोटिस में ऐसी कोई मंजिल का उल्लेख नहीं किया गया है जिस पर अवैध निर्माण हो।

"बीएमसी ने नहीं बताया कि अवैध क्या है"
वकील ने कोर्ट में कहा, बिल्डिंग 1992 से है। वे पूरी तरह ध्वस्त नहीं कर सकते। उन्होंने यह नहीं बताया है कि अवैध क्या है? इसलिए हमने कहा है कि बीएमसी के नोटिस में कुछ भी स्पष्ट नहीं है।

अमोघ सिंह ने आगे कहा, हमारी मांग है कि नोटिस में सब कुछ साफ होना चाहिए। ताकि हमें पता चल सके कि क्या कार्य करना है? जुहू में छह-फ्लोर वाला आवासीय अपार्टमेंट में होटल जलाने का आरोप है। वहीं सोनू सूद का कहना है कि उन्होंने 2018 में लाइसेंस के लिए आवेदन किया था और लेकिन अभी तक बीएमसी ने नहीं दिया।

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