प बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले जुबानी जंग तेज हो गई है। अब इस राजनीतिक घमासान में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को भी घसीट लिया है। दरअसल, टीएमसी के नेताओं ने चुनाव आयोग में बीएसएफ की शिकायत की है।

कोलकाता. प बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले जुबानी जंग तेज हो गई है। अब इस राजनीतिक घमासान में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को भी घसीट लिया है। दरअसल, टीएमसी के नेताओं ने चुनाव आयोग में बीएसएफ की शिकायत की है। टीएमसी का आरोप है कि बीएसएफ राज्य में भाजपा के लिए काम कर रही है। वहीं, इस मामले में अब बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स ने भी जवाब दिया है। 

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BSF ने कहा, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स एक गैर राजनैतिक फोर्स है। हम सभी नेताओं और पार्टी का सम्मान करते हैं। उधर, भाजपा ने राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है। 

टीएमसी ने लगाए गंभीर आरोप
टीएमसी नेता फरहद हकीम ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीएसएफ राज्य के लोगों को डरा धमका रही है, जिससे वे भाजपा को वोट दे सकें। उन्होंने कहा, भाजपा सांप्रदायिक भाषणों के जरिए नफरत फैला रही है। वे समाज को बांटने वाली राजनीति कर रहे हैं। 

राज्य में तैनात हों केंद्रीय बल- भाजपा
बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, चुनाव से पहले हालात का जायजा लेने के लिए चुनाव आयोग की टीम राज्य में है। उन्होंने कहा, हम अपील करते हैं, वे राज्य में ऐसा माहौल बनाने में मदद करें, ताकि लोग बिना डरे अपने वोटिंग के अधिकार का इस्तेमाल कर सकें। इसके लिए राज्य में सुरक्षाबलों की तैनाती होनी चाहिए।

घोष ने कहा, लोकसभा चुनाव के दौरान भी राज्य में डर का माहौल था। इस दौरान सभी लोकसभा क्षेत्रों में हिंसा की घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा, निष्पक्ष चुनाव के लिए राज्य में हर पोलिंग बूथ के अंदर केंद्रीय बल और बाहर राज्य पुलिस की तैनाती की जाए।