Asianet News HindiAsianet News Hindi

आर्मी चीफ के नेतृत्व वाले बयान पर ओवैसी का जवाब, पद की हद जानना भी लीडरशिप

नागरिकता कानून पर हो रही हिंसा पर आर्मी चीफ बिपिन रावत के बयान को लेकर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा, अपने पद की हद जानना भी एक नेतृत्व ही है।

CAA row, Asaduddin owaisi commented on army chief bipin rawat over leadership KPP
Author
New Delhi, First Published Dec 26, 2019, 3:43 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली. नागरिकता कानून पर हो रही हिंसा पर आर्मी चीफ बिपिन रावत के बयान को लेकर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा, अपने पद की हद जानना भी एक नेतृत्व ही है।

ओवैसी ने ट्वीट कर लिखा, अपने कार्यालय की हद जानना भी एक नेतृत्व ही है। नेतृत्व वह है जो नागरिकता को सर्वोच्च स्थान पर रखे। साथ ही उस संस्था की अखडंता को बरकरार रखे, जिसकी वह अगुआई कर रहा है।

आर्मी चीफ ने क्या कहा था? 
आर्मी चीफ दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, नेता वे नहीं हैं जो लोगों को गलत दिशा दिखाते हैं। जैसा कि हम विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में देख रहे हैं। छात्र शहरों और कस्बों में आगजनी और हिंसा भड़काने वाली भीड़ का नेतृत्व कर रहे हैं। यह नेतृत्व नहीं है। हालांकि, उन्होंने इस दौरान किसी यूनिवर्सिटी का नाम नहीं लिया।

देश की कई यूनिवर्सिटी में हुआ था विरोध
इस महीने की शुरुआत में सरकार ने नागरिकता संसोधन विधेयक पेश किया था। यह दोनों सदनों से पास होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद कानून बन गया। इसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, पारसी, बुद्ध, जैन और इसाइयों को नागरिकता देने का प्रावधान है। इस बिल का देश के कई हिस्सों में विरोध भी हुआ। कई यूनिवर्सिटी के छात्र इसका विरोध भी कर रहे हैं।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios