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सर्विलांस और टेस्टिंग....कोरोना से निपटने के लिए केंद्र ने ग्रामीण इलाकों के लिए जारी की गाइडलाइन

देश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है। देश के ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना तेजी से फैल रहा है। ऐसे में केंद्र ने ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए गाइडलाइन जारी की है। सरकार ने यह बात स्वीकार की है कि अब कोरोना शहरी से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में भी फैल रहा है।

Centre releases Covid-19 guidelines for rural areas KPP
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New Delhi, First Published May 16, 2021, 2:59 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है। देश के ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना तेजी से फैल रहा है। ऐसे में केंद्र ने ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए गाइडलाइन जारी की है। सरकार ने यह बात स्वीकार की है कि अब कोरोना शहरी से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में भी फैल रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी गाइडलाइन में कहा है कि अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखते हुए इन क्षेत्रों में कोरोना के खिलाफ अभियान तेज करने के लिए समुदायों को सक्षम करने, सभी स्तरों पर प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत है।

क्या कहा गया है गाइडलाइन में?

- स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, हर गांव में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता और पोषण समिति (वीएचएसएनसी) की मदद से आशाओं द्वारा समय-समय पर इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण की निगरानी की जानी चाहिए।
- इसके अलावा गाइडलाइन में कहा गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी टेलीकंसल्टेशन से संक्रमण की गंभीरता को पहचाने और ऑक्सीजन की कमी और कॉमरेडिडिटी वाले मामलों को कोविड सेंटर्स रेफर करने की सिफारिश करें। 
-इसके अलावा यह भी कहा गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को एंटीजन टेस्ट के लिए ट्रेनिंग दी जाए, और आरएटी किट को स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराया जाए। 
- जब तक टेस्ट नहीं होता, मरीजों को होम आइसोलेट कराया जाए। जिन मरीजों में कम लक्षण हैं, लेकिन उन्हें कोरोना से गंभीर खतरा है, अगर ऐसे लोग कोरोना मरीज से 6 फीट की दूरी पर बिना मास्‍क के यदि 15 मिनट तक संपर्क में आए हैं, तो उन्‍हें क्‍वारंटीन में रहना चाहिए। साथ ही आईसीएमआर प्रोटोकॉल के मुताबिक, ऐसे लोगों का टेस्ट किया जाए। 
-  गाइडलाइन में कॉन्‍टेक्‍ट ट्रैसिंग पर भी बात की गई है। इसके लिए इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलेंस प्रोग्राम्‍स की गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा गया है। 
- कोरोना संक्रमित मरीज को यदि घर पर ही क्‍वारंटीन होने की अनुमति दी जाती है, तो उसे मंत्रालय द्वारा जारी किए गए सभी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
- होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों का 10 दिन में आइसोलेशन खत्म हो जाएगा और बिना लक्षण वाले मरीज की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव हो और लगातर 3 दिन बुखार न हो तो 10 दिन में होम आइसोलेशन खत्म हो जाएगा। 

ग्रामीण क्षेत्रों में बनें कोविड सेंटर्स
- ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना केयर सेंटर, बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर, मॉडरेट केस के लिए और सीवियर केस वाले मरीजों के लिए डेडिकेटेड कोरोना अस्पताल बनाए जाएं। जहां 30 बेड का इंतजाम हो। 
-ये कोविड केयर सेंटर प्राइमरी हेल्थ सेंटर, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर की निगरानी में कोविड केयर सेंटर, स्कूल, कम्युनिटी हॉल, मैरिज हॉल, पंचायत बिल्डिंग में बनाएं जाएं।

Asianet News का विनम्र अनुरोधः आइए साथ मिलकर कोरोना को हराएं, जिंदगी को जिताएं...। जब भी घर से बाहर निकलें माॅस्क जरूर पहनें, हाथों को सैनिटाइज करते रहें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वैक्सीन लगवाएं। हमसब मिलकर कोरोना के खिलाफ जंग जीतेंगे और कोविड चेन को तोडेंगे। #ANCares #IndiaFightsCorona

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