5 अगस्त 2019 जम्मू कश्मीर के किये ऐतिहासिक दिन बन गया है। राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी मिलते ही अब जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटा दी गई है। इस धारा के हटते ही राज्य में कई बदलाव आ गए हैं। आइये जानते हैं, इनमें से कुछ प्रमुख बदलावों के बारे में... 

नई दिल्ली: भारत के संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर कभी भी कश्मीर को विशेष राज्य देने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने इस आर्टिकल को ड्राफ्ट करने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू इ गोपाल स्वामी आयंगर से इसे ड्राफ्ट करवाया और 17 नवंबर 1952 से इसे लागू कर दिया। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred


लेकिन आज राष्ट्रपति द्वारा इसे हटाते ही जम्मू कश्मीर को मिले तमाम विशेष अधिकार छीन लिए गए। इस आर्टिकल के कारण पाकिस्तान को भी कई तरह के फायदे हो रहे थे। इसके हटते ही कश्मीर में आए अहम बदलावों पर डालते हैं एक नजर... 

1. आर्टिकल 370 के कारण जम्मू कश्मीर का अपना अलग संविधान था लेकिन अब यहां भारत का संविधान ही लागू होगा। 

2. इससे पहले जम्मू कश्मीर में रक्षा, विदेशी मामले और संचार के मामलों के अलावा किसी भी कानून को लागू करने के लिए केंद्र सरकार को राज्य से मंजूरी लेनी पड़ती थी लेकिन अब मात्र राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही यहां कोई भी नियम लागू हो जाएंगे। 

3. अभी तक जम्मू कश्मीर में दो झंडे थे। लेकिन अब यहां सिर्फ भारत का राष्ट्रीय ध्वज लहराएगा

4. अब पूरे भारत से कोई भी इस राज्य में संपत्ति खरीद पाएगा। साथ ही दूसरे राज्यों के लोग यहां बस भी सकते हैं। 

5. कश्मीर में पहले लोगों को दो तरह की नागरिकता मिली हुई थी। लेकिन अब वो मात्र भारतीय नागरिक कहलाएंगे। 

6. पहले किसी भारतीय से शादी करने पर कश्मीरी महिला की कश्मीरी नागरिकता खत्म हो जाती थी लेकिन अब दोनों शादी के बाद सिर्फ भारत के ही नागरिक रह जाएंगे। 

7. किसी कश्मीरी लड़की से शादी करते ही पाकिस्तानी लड़के को भारत की नागरिकता मिल जाती थी। लेकिन अब पाकिस्तानी भारतीय नागरिकता लेने के लिए कश्मीरी लड़की से शादी नहीं कर पाएंगे। 

8. अब कश्मीरियों के लिए भारत के संविधान में लिखे कर्तव्यों को मानना अनिवार्य होगा। इसमें महिलाओं की इज्जत करने से लेकर गायों की रक्षा करना भी शामिल है।