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चीन ने संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर अलापा कश्मीर राग, इस रणनीति से भारत देगा जवाब

भारत से बातचीत से कुछ दिन पहले चीन ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर राग अलापा है। चीन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में जम्मू-कश्मीर पर बातचीत के लिए जोर दे रहा है।

China pushes for another discussion on jammu kashmir at UNSC KPP
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New Delhi, First Published Dec 17, 2019, 12:45 PM IST
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नई दिल्ली. भारत से बातचीत से कुछ दिन पहले चीन ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर राग अलापा है। चीन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में जम्मू-कश्मीर पर बातचीत के लिए जोर दे रहा है। इससे पहले 16 अगस्त को चीन ने UNSC में कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की थी, लेकिन भारत के सहयोगी देशों ने इस पर ना कोई चर्चा होने दी थी, ना ही कोई बयान देने दिया था।

इस हफ्ते चीन के विदेश मंत्री वांग यी भारत आकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से सीमा वार्ता करेंगे। 

चर्चा के लिए वोटिंग की जरूरत नहीं
टीओआई के मुताबिक,  चीन ऐसे प्रावधान के तहत चर्चा चाहता है, जिसमें वोटिंग की जरूरत ना हो, लेकिन इस मुद्दे को चिह्नित करना पड़ेगा। इस दौरान भारत UNSC के सदस्य देशों के सामने अपना पक्ष रखेगा, माना जा रहा है कि इससे चर्चा की संभावना कम हो जाए। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने इस मामले में जरूरी राजनयिक कदम उठाकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।   

पाकिस्तान ने लगाए भारत पर आरोप
चीन का यह कदम पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के यूएनएससी और अमेरिकी राजदूत को लिखे उस पत्र के बाद सामने आया है, जिसमें कुरैशी ने भारत पर पाकिस्तान की सदस्यता रद्द कराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया है कि भारत ने पांच सेक्टरों से बाड़ हटा दी है। भारत वहां झूठा ऑपरेशन चला सकता है। साथ ही पाकिस्तान ने यूएनएससी से संयुक्त राष्ट्र के मिलिट्री ऑब्जर्वर ग्रुप को LOC की देखरेख के लिए पाकिस्तान की तरफ तैनात करने की मांग की है। दरअसल, भारत हमेशा इसका विरोध करता रहा है। 

भारत ने बनाई रणनीति
भारत भी वॉशिंगटन पहुंचा है, चूंकि यूएनएससी में अध्यक्ष अमेरिकी राजदूत हैं। इस बार भी फ्रांस भारत का साथ देगा। पिछली बार गलतफहमी का शिकार हुआ ब्रिटेन के इस बार साथ आने की उम्मीद है, क्यों कि बोरिस जॉनसन को स्पष्ट बहुमत मिला है। गैर स्थाई सदस्य पोलेंड और जर्मनी भी भारत का समर्थन कर सकते हैं। 

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