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विदेश मंत्रालय के अफसर ने IAS अधिकारी के पति को फंसाया, सीसीटीवी फूटेज में असलियत आई सामने

पुलिस ने बताया कि दोनों पर आपराधिक साजिश रचने और नशीला पदार्थ निरोधी कानून (एनडीपीएस एक्ट, 1985) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

CISF commandant officer arrested for framing false drugs case against husband of IAS officer
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New Delhi, First Published Oct 11, 2019, 11:56 AM IST
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नयी दिल्ली(New Delhi). केंद्रीय विदेश मंत्रालय में सुरक्षा ब्यूरो डायरेक्टर के पद पर तैनात सीआईएसएफ कमांडेंट रंजन प्रताप सिंह और अलीगढ़ के उसके वकील दोस्त नीरज चौहान को एक आईएएस अधिकारी के पति की कार में कथित तौर पर नशीले पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

बुधवार शाम पांच बजे एक सीआईएसएफ अधिकारी को सूचना मिली कि एक संदिग्ध कार केंद्र सरकार कार्यालय परिसर (सीजीओ काम्प्लेक्स) में खड़ी है। अधिकारी ने तुरंत सीआईएसएफ कर्मियों को कार मालिक का पता लगाने को कहा। कर्मियों ने पाया कि कार मालिक सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सलाहकार के तौर पर कार्य करता है।

550 ग्राम चरस कार से बरामद
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार मालिक की उपस्थिति में सीआईएसएफ जवानों ने कार की तलाशी ली और उसमें 52 पुड़िया मिली, जिनमें कुल 550 ग्राम चरस थी। इसके बाद कार मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसपर मामला दर्ज किया।

सीसीटीवी फूटेज से की आरोपी की पहचान
पुलिस ने नशीले पदार्थ की सूचना देनेवाले की जानकारी जुटाई, तो पाया कि वह महरौली का फेरीवाला है। पूछताछ के दौरान फेरीवाले ने बताया कि दो लोगों ने उससे फोन लेकर कॉल किया था, जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो पता चला कि दोनों व्यक्ति विदेश मंत्रालय के स्टिकर लगी कार में सवार होकर आए थे। उन्होंने कहा कि आगे को जांच में पता चला कि कार रंजन प्रताप सिंह की है। जब सिंह से पूछताछ की गई तो उसने मान लिया कि वह अलगीढ़ से नशीले पदार्थ लाया था और साजिश में उसने दोस्त चौहान को शामिल किया और नकली चाबी से कार खोलकर उसमें नशीला पदार्थ रखवाया।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
पुलिस ने बताया कि दोनों पर आपराधिक साजिश रचने और नशीला पदार्थ निरोधी कानून (एनडीपीएस एक्ट, 1985) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

[यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है]

 

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