Asianet News HindiAsianet News Hindi

नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में हुआ पेश, बोले शाह, अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है बिल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने वाला बिल पेश करने वाले हैं। इस बिल को कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए इसका तीखा विरोध कर रहे हैं। ऐसे में संसद में इस विधेयक को लेकर जोरदार बहस और हंगामा देखने को मिल सकता है।

Citizenship amendment bill will be presented in parliament, uproar expected kps
Author
New Delhi, First Published Dec 9, 2019, 10:15 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली.  लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। इस दौरान स्मृति ईरानी सदन में बोल रही थी। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने व्यवधान डालने की कोशिश की। जिस पर हंगामा खड़ा हो गया। जिसके बाद गृहमंत्री अमित शाह को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सदन को बाधित करने का अधिकार किसी को नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि महिला मंत्री से बदसलूकी करना शर्मनाक है। वहीं, बीजेपी सांसद माफी की मांग पर अड़े हैं। 

CAB बिल होगा पेश

पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में लौटी केंद्र की मोदी सरकार ताबड़तोड़ नए फैसले ले रही है। जिसमें तीन तलाक और आर्टिकल 370 के बाद अब संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर घमासान मचा हुआ है। आज केंद्रीय गृह मंत्री अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने वाला बिल पेश करने वाले हैं। कहा जा रहा है कि इसके बाद मंगलवार को राज्यसभा में इसे पेश किया जाएगा। एक तरफ इस बिल को सरकार आर्टिकल 370 जैसा अहम बता रही है तो कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए इसका तीखा विरोध कर रहे हैं। ऐसे में संसद में इस विधेयक को लेकर जोरदार बहस और हंगामा देखने को मिल सकता है।

लोकसभा में पारित कराना आसान 

मोदी सरकार के लिए नागरिकता संसोधन बिल पारित कराना आसान है। क्योंकि लोकसभा में 303 सांसदों का साथ है। जिसके कारण इसे पारित कराने में कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी। हालांकि राज्यसभा में इसे बिल को मंजूरी दिलाने के लिए उसे गणित साधना होगा। इस बीच कांग्रेस ने ऐलान किया है कि यह बिल देश के संविधान की मूल भावना और धर्मनिरपेक्ष चरित्र के खिलाफ है।

बीजेपी ने जारी किया व्हिप

नागरिकती संसोधन बिल को पारित कराने के लिए मोदी सरकार ने कमर कस ली है। इसके लिए सरकार ने अपने सभी सांसदों को संसद में मौजूद रहने के लिए चार दिनों का व्हिप जारी किया है। जिसमें सभी सांसदों को संसद में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। 

असम में बुलाई गई बंद 

केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संसोधन बिल को पेश किए जाने की कवायद की खबर सामने आने के बाद असम में विरोध तेज हो गया है। जिसमें असम में 12 घंटे का बंद बुलाया गया है। इसके साथ ही विरोध को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 

कांग्रेस ने बनाई रणनीति 

लोकसभा में कांग्रेस के लीडर अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को सोनिया गांधी के साथ पार्टी की संसदीय समिति की मीटिंग के बाद यह टिप्पणी की। इस मीटिंग में चौधरी के अलावा राज्यसभा में पार्टी के नेता गुलाम नबी आजाद, लोकसभा में चीफ विप के. सुरेश, गौरव गोगोई समेत कई नेता मौजूद थे। नागरिकता संसोधन विधेयक का कांग्रेस समेत 11 राजनीतिक दलों ने विरोध किया है। 

बीजेपी बोली, सताए लोगों को नागरिकता देना कर्तव्य

बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि इस विधेयक को मंजूरी मिलने से पड़ोसी देशों में सताए गए लोगों को ताकत मिलेगी। इस बीच बीजेपी के महासचिव राम माधव ने रविवार को कहा कि पड़ोसी देशों में उत्पीड़न का शिकार अल्पसंख्यक समुदाय को लोगों को नागरिकता देना भारत का कर्तव्य है।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios