Asianet News Hindi

अयोध्या: फैसले का CM पटनायक ने किया स्वागत, कहा- यह हमारे भाईचारे का प्रतीक

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसले में एक सदी से अधिक पुराने मामले का अंत करते हुए अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया और साथ में व्यवस्था दी कि पवित्र नगरी में मस्जिद के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाए

CM patnayak welcome supreme court verdict on ayodhya case
Author
Bhubaneswar, First Published Nov 10, 2019, 12:38 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

भुवनेश्वर: अयोध्या भूमि विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शनिवार को राज्य के लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की और कहा कि अदालत का फैसला भारत के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की पुष्टि करता है। मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर की गई पोस्ट में जोर दिया कि भाईचारा भारतीय धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने की बानगी है।

ट्वीट कर दिया संदेश 

बीजू जनता दल के अध्यक्ष पटनायक ने ट्वीट में कहा, ‘‘हम माननीय सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले का सम्मान करते हैं। यह हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की पुष्टि करता है। इस महत्वपूर्ण न्यायिक आदेश को पूरा करने के लिए सभी को सद्भाव और भाईचारे के साथ रहकर इसमें योगदान देना चाहिए।’’ पटनायक ने कहा, “अयोध्या पर फैसले को लेकर सभी से न्यायालय के फैसले को स्वीकार करने की अपील करता हूं। आइए शांति और सद्भाव में रहें। भाइचारे की भावना हमारे धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने की बानगी है।” अयोध्या विवाद पर फैसले के मद्देनजर प्रदेश में संवेदनशील स्थानों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया ऐतिहासिक फैसला 

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसले में एक सदी से अधिक पुराने मामले का अंत करते हुए अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया और साथ में व्यवस्था दी कि पवित्र नगरी में मस्जिद के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाए। न्यायालय ने कहा कि विवादित 2.77 एकड़ जमीन अब केंद्र सरकार के रिसीवर के पास रहेगी, जो इसे सरकार द्वारा बनाए जाने वाले ट्रस्ट को सौंपेंगे।

पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट बनाया जाना चाहिए। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मत फैसला दिया और कहा कि हिन्दुओं का यह विश्वास निर्विवाद है कि संबंधित स्थल पर ही भगवान राम का जन्म हुआ था तथा वह प्रतीकात्मक रूप से भूमि के मालिक हैं।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios