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अब नए संसद भवन पर घमासान : कांग्रेस बोली- नया संसद भवन बनाना अंतिम संस्कार के वक्त डीजे बजाने जैसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद के नए भवन की नींव रखी। इसी के साथ नए संसद भवन पर घमासान शुरू हो गया। कांग्रेस ने नए संसद भवन की डिजाइन की तुलना करते हुए स्वदेशी और विदेशी का मुद्दा उछाल दिया। कांग्रेस ने कहा, नया संसद भवन बनाना अंतिम संस्कार के वक्त डीजे बजाने जैसा है।

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New Delhi, First Published Dec 10, 2020, 6:08 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद के नए भवन की नींव रखी। इसी के साथ नए संसद भवन पर घमासान शुरू हो गया। कांग्रेस ने नए संसद भवन की डिजाइन की तुलना करते हुए स्वदेशी और विदेशी का मुद्दा उछाल दिया। कांग्रेस ने कहा, नया संसद भवन बनाना अंतिम संस्कार के वक्त डीजे बजाने जैसा है।

जयराम रमेश ने नए और पुराने संसद भवन की डिजाइन शेयर की। उन्होंने लिखा, अंग्रेजों का बनाया मौजूदा संसद भवन मध्यप्रदेश के मुरैना में स्थित चौसठ योगिनी मंदिर जैसा दिखता है, लेकिन आत्मनिर्भर संसद भवन का प्रारूप वॉशिंगटन में स्थित अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन से मिलता जुलता है। रमेश ने चौसठ योगिनी मंदिर और पेंटागन की तस्वीरें भी शेयर कीं। 

 

 

यह अंतिम संस्कार में डीजे बजाने जैसा- कांग्रेस
 कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने भी नए संसद भवन को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। शेरगिल ने कहा,  नई इमारत की आधारशिला रखने का निर्णय हृदयहीन, संवेदनहीन और बेशर्मी से भरा है। खास कर ऐसे समय में जब देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। भाजपा लोगों को राहत देने के बजाय फालतू जुलूस निकाल रही है। सरकार का ये कदम अंतिम संस्कार के वक्त डीजे बजाने के बराबर है।
 
जयवीर शेरगिल ने कहा, एक तरफ, काले कृषि कानूनों के माध्यम से भाजपा ने किसानों की आजीविका पर बुलडोजर चला दिया, दूसरी तरफ वह जनता का पैसा भवन निर्माण पर खर्च कर रही है, जिसकी जरूरत नहीं थी, लेकिन वो ऐसा कर रही है अपने अहंकार को संतुष्ट करने के लिए।

 

संसद मोर्टार और पत्थर नहीं- सुरजेवाला 
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, डियर पीएम संसद मोर्टार और पत्थर नहीं है; यह लोकतंत्र, संविधान, आर्थिक-राजनीतिक-सामाजिक समानता का प्रतीक है। यह 130 करोड़ भारतीय की आकांक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा, इन मूल्यों को रौंदकर बनाई गई इमारत क्या दिखाती है?'

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