Asianet News HindiAsianet News Hindi

कोरोना@काम की खबर: RBI ने रेपो रेट में सबसे बड़ी कटौती की, लोन सस्ते होंगे; कार-घरोंं की EMI होगी कम

भारत में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। देश में लॉकडाउन का आज तीसरा दिन है। अब तक संक्रमण के 700 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 66 लोग अभी तक ठीक हो चुके हैं। कोरोना से निपटने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कई बड़े ऐलान किए।

corona outbreak RBI Governor Shaktikanta Das address the media KPP
Author
New Delhi, First Published Mar 27, 2020, 10:11 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। देश में लॉकडाउन का आज तीसरा दिन है। कोरोना से निपटने के लिए भारत सरकार कई बड़े कदम उठा रही है। भारत सरकार ने 1.75 करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज के एक दिन बाद भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मीडिया को संबोधित कर कई बड़े ऐलान किए। इसमें सबसे बड़ा फैसला रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट में बड़ी कटौती की। रेपो रेट में अब तक की सबसे बड़ी कटौती की है। इससे लोन सस्ते होंगे और ईएमआई कम होगी। रेपो रेट वह दर होती है, जिस दर से आरबीआई बैंकों को लोन देता है।

गवर्नर शक्तिकांत दास की बड़ी बातें

- गवर्नर ने बताया, RBI ने रेपो रेट में 75 बेसिस पॉइंट की कटौती की। यह 5.15 से घटाकर 4.45 की गई। वहीं, रिवर्स रेपो रेट में भी 90 बेसिस पॉइंट की कटौती करते हुए 4 प्रतिशत कर दी है। इससे लोगों की EMI कम होगी। उन्होंने बैंक को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि लोगों के पास कैश की कमी ना हो।
- उन्होंने कहा, दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर कोरोना महामारी का असर है। यह भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
- कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में 100 बेसिस पॉइंट की कटौती करके 3 प्रतिशत कर दिया गया है। यह एक साल तक की अवधि के लिए किया गया है। बैंकों के पास ज्यादा नकदी रहेगी। 
- सभी बैंकों के लोन के ईएमआई के भुगतान में 3 महीने की छूट मिलेगी। ईएमआई सैलरी की 30% तक होगी है, ऐसे में इस फैसले के बाद लोगों की काफी राहत मिलेगी और कैश फ्लो भी बढ़ेगा।
- आरबीआई ने जो कदम उठाए हैं, उससे 3.74 लाख करोड़ रुपए की नकदी बढ़ेगी।

चिंता की जरूरत नहीं- आरबीआई
भारतीय बैंकिंग सिस्टम सेफ है। कुछ वजहों से लोगों को बैंक की सेफ्टी पर शंका हुई लेकिन किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। जिन्होंने प्राइवेट सेक्टर बैंक में भी निवेश किया है उन्हें भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुश्किल घड़ी में भी हम आशावादी हैं। 

आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने किए कई बड़े ऐलान
इससे पहले गुरुवार को देश में लॉकडाउन के बाद आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़े ऐलान किए। उन्होंने कोरोना से लड़ने के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपए के स्पेशल पैकेज का ऐलान किया। इसके तहत कोरोना से लड़ने में लगे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख का बीमा और मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी 182 रुपए से बढ़ाकर 202 रुपए कर दिया है। इसके अलावा और भी योजनाओं को रखा गया है।  

वित्त मंत्री ने कहा, तीन महीने के लिए चिकित्सा बीमा कवर के रूप में स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए 50 लाख रुपए का बीमा होगा। वित्त मंत्री ने कहा, उम्मीद है हम इस अवधि में वायरस को हराने में सक्षम होंगे। देशभर में 22 लाख हेल्थ वर्कर्स हैं। 12 लाख डॉक्टर्स हैं।
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ लोगों की संख्या आती है। सरकार सुनिश्चित करेगी कि एक भी व्यक्ति बिना खाने के न सोए। 80 करोड़ गरीबों को राशन के अलावा 3 महीने तक 10 किलो गेहूं या चावल एक्ट्रा दिया जाएगा। इसके अलावा एक किलो दाल भी दी जाएगी। यह अतिरिक्त लाभ मुफ्त दिया जाएगा। 
- पीएम किसान योजना, किसान सम्मान निधि का फायदा 8 करोड़ 70 लाख किसानों को मिलेगा। किसानों को अप्रैल के पहले हफ्ते तक 2 हजार खाते में डाल दिए जाएंगे।
- मनरेगा के मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाकर 182 रुपए से बढ़ाकर 202 रुपए कर दी गई है।
- बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं को 3 महीने तक 1 हजार रुपए अतिरिक्त मिलेगा। यह दो किस्तों में दिया जाएगा। 3 करोड़ लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
- महिला जनधन खाताधारकों को अगले तीन महीने तक हर महीने 500 रुपए दिए जाएंगे। इससे 20 करोड़ महिलाओं को लाभ मिलेगा। इसके अलावा उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ महिला लाभार्थियों को तीन महीने तक मुफ्त सिलिंडर दिए जाएंगे।
- संगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए जो नौकरी करने या देने वाले हैं या वो संस्थान जहां पर 100 से कम इम्प्लॉई है जो 15 हजार से कम का वेतन पाते हैं। उनके लिए सरकार नौकरी करने वाले और नौकरी देने का 12-12% ईपीएफ हिस्सा सरकार देगी। यह वहां लागू होगा जहां 100 से कम इम्प्लाई हैं और 90% कर्मचारी 15 हजार से कम वेतन पाते हैं। इससे 80 लाख से ज्यादा मजदूरों और 4 लाख से ज्यादा संस्थाओं को इसका लाभ मिलेगा।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios