नई दिल्ली. कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक अच्छी खबर सुनाई है। उन्होंने दावा किया है कि दिल्ली में करीब एक तिहाई लोग कोरोना से मुकाबले के लिए इम्युनिटी हासिल कर चुके हैं। केजरीवाल ने कहा, दिल्ली अब हर्ड इम्युनिटी की ओर बढ़ रही है। 

क्या है हर्ड इम्युनिटी ? 
हर्ड इम्युनिटी वह स्थिति है, जब किसी देश, राज्य या स्थान पर ज्यादा से ज्यादा लोग संक्रमित हो जाएं। इसके बाद हमारा शरीर कोरोना से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता पैदा करेगा। इसे ही हर्ड इम्युनिटी कहते हैं। स्वीडन और इंग्लैंड जैसे देशों ने इसे अपनाया। वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में लोगों को किसी संक्रमण से बचाने के लिए हार्ड इम्युनिटी पैदा करना काफी आवश्यक होता है। इसमें एक तय हिस्से में आबादी को संक्रमित होने दिया जाता है, इससे संक्रमण के खिलाफ सामूहिक इम्युनिटी यानी प्रतिरोधक क्षमता पैदा होगी। 

दिल्ली में एक तिहाई लोगों में पैदा हुई हर्ड इम्युनिटी
इकॉनमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में केजरीवाल ने कहा, दिल्ली अब हर्ड इम्युनिटी की ओर बढ़ रही है। इसके साथ ही राज्य की एक तिहाई आबादी में कोरोना के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमताएं पैदा हुई हैं। 

दिल्ली में ना लगाना पड़े लॉकडाउन
केजरीवाल ने कहा, सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि दिल्ली में लॉकडाउन लगाने की जरूरत ना पड़े। उन्होंने कहा, हमें लगता है कि दिल्ली में मेट्रो सेवाएं शुरू हो सकती थीं, लेकिन हमें इसके लिए केंद्र की अनुमति की जरूरत होती है। 

अब 30-35 % लोगों में एंटी बॉडी
केजरीवाल ने सीरो सर्वे का जिक्र करते हुए कहा, 11 जिलों में हुए सर्वे में पता चला है कि दिल्ली के 24% लोगों में एंटी बॉडी मिली हैं। लेकिन यह सर्वे 27 जून से 10 जुलाई तक हुआ है। ऐसे में इन लोगों में करीब 15 दिन पहले एंटी बॉडी बनी होंगी, यानी 10 जून के आस पास।  लेकिन अब यह आंकड़ा 30-35% पार कर गया होगा। उन्होंने कहा, इसके बारे में ज्यादा तो विशेषज्ञ ही बता सकते हैं, लेकिन दिल्ली अब हर्ड इम्युनिटी की ओर बढ़ चली है। 

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